अयोध्या की एक तस्वीर ये भी…..?

जय प्रकाश ओझा

वरिष्ठ पत्रकार

अयोध्या।अवध पुरी में भटकने के दौरान कुछ चौंकाने वाली जानकारियां भी मिलीं। तमाम मंदिरों में महंती पाने के लिए सेवा, संस्कार, पूजा और दया, करुणा जैसे गुणों को छोड़कर गुंडई, धमकी, मारपीट और हत्या तक की घटनाएं घटीं। खास कर ऐसे मंदिरों में जहां मंदिरों के भोगराग के लिए जमीन जायदाद भक्तों ने दान दी थी। महंत होने की योग्यता अब सिर्फ यह बची है कि आपके पास हर अन्याय और दबंगई करने की हिम्मत हो।

विजय रागव मंदिर

अयोध्या में आम चर्चा है कि सैकड़ों मंदिरों पर साधुओं का चोला पहन कर अपराधी काबिज हो चुके हैं। करोड़ों की सम्पत्ति के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। नतीजा यह होता है कि पीढ़ियों से इन मंदिरों से जुड़े भक्त इन मंदिरों से दूर हो चुके हैं और इन मंदिरों में अब कहने भर को पूजा उपासना होती है।

ऐतिहासिक त्रेतानाथ मन्दिर

 

पहले हर मंदिर में भोग प्रसाद के समय आने वाले भक्तों को प्रसाद रुप में भोजन मिलता था लेकिन अब अधिकांश मंदिरों पर यह व्यवस्था भी टूट गई है। अयोध्या का वैभव लौटाने के लिए एक बार इन तमाम मंदिरों को कालनेमियों से मुक्त कराकर पुन: इनमें देव विग्रहों की सत्ता लौटाने का काम समाज और सरकार को मिल कर करना ही होगा। ऐसा नहीं है कि पूरी अयोध्या में अपराधियों का ही बोलबाला है। जिन मंदिरों और मठों में अच्छे लोग बैठे हैं वहां आज भी भक्तों का विश्वास कायम है और उन मंदिरों पर हजारों भक्तों की कतार आज भी लगती है। जय जय जय जय जय सियाराम।

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