राजा लक्ष्मेश्वर सिंह जयन्ती पर ‘सर-जमीन-ए-हिन्द’ पुस्तक का विमोचन

जयन्ती पर याद किये गये राजा लक्ष्मेश्वर सिंह ‘सर-ज़मीन-ए-हिन्द’ पुस्तक का विमोचन देर रात तक चला कवि सम्मेलन, मुशायरा

बस्ती । राजा लक्ष्मेश्वर सिंह सेवा संस्थान द्वारा राज माता आशिमा सिंह की रचना ‘सर-ज़मीन-ए-हिन्द’ पुस्तक का विमोचन बस्ती राजमहल में  सम्मानित अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर कवि सम्मेलन,मुशायरे के साथ ही साथ अन्तराष्ट्रीय कथक कलाकार पंडित अनुज मिश्रा की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।मुख्य अतिथि अशोक प्रसाद ने कहा कि अपने इतिहास को संजोये रखना हम सबकी बड़ी जिम्मेदारी है। राजा लक्ष्मेश्वर सिंह स्वयं में बड़े व्यक्तित्व थे और उनकी जयन्ती पर ऐसा आयोजन एक पुनीत कार्य है।चन्द्रमौलि ने इतिहास के अनेक प्रसंगों की विस्तार से जानकारी देते हुये कहा कि ‘सर-ज़मीन-ए-हिन्द’ पुस्तक आने वाले दिनों में ऐतिहासिक दस्तावेज साबित होगी।


पूर्व कैबिनेट मंत्री राम प्रसाद चौधरी, सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव,जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, डा. आलोक प्रसाद आदि ने पूर्व विधायक राजा लक्ष्मेश्वर सिंह की स्मृतियों को साझा किया। कहा कि ऐसे व्यक्तित्व की स्मृतियां बनी रहें, इसलिये ऐसे आयोजन आवश्यक है। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार प्रजापति, सामाजिक कार्यकत्री डा. श्रेया प्रजापति ने कहा कि राज माता आशिमा सिंह ने ‘सर-ज़मीन-ए-हिन्द’ पुस्तक में स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन,भारतीय राजनीति और सामाजिक सृजन,संघर्षो के अनेक महत्वपूर्ण विन्दुओं का समावेश किया है।निश्चित रूप से भावी पीढी के लिये यह अमूल्य धरोहर साबित होगी।
राज माता आशिमा सिंह, ऐश्वर्य राज सिंह ने आगन्तुको का स्वागत करते हुये, राजा लक्ष्मेश्वर सिंह सेवा संस्थान द्वारा किये जा रहे बिभिन्न सामजिक कार्यो पर भी प्रकाश डाला।


कार्यक्रम में आयोजित कवि सम्मेलन मुशायरे में पंकज प्रसून, तारकेश्वरनाथ मिश्र ‘जिज्ञासु’ तनवीर जलालपुरी, माहेश्वर तिवारी, डा. बुद्धिनाथ मिश्र, रमाशंकर सिंह, डा.राम कृष्ण लाल ‘जगमग’ विनोद उपाध्याय, पं. परमात्मा प्रसाद उपाध्याय, राजमणि शुक्ल, डा.राजेन्द्र सिंह, सत्येन्द्रनाथ श्रीवास्तव ‘ मतवाला’ श्याम प्रकाश शर्मा, पं. चन्द्रबली मिश्र, रहमान अली रहमान, अफजल हुसेन अफजल, पंकज कुमार सोनी, श्रीमती सरल पाण्डेय, शाद अहमद ‘शाद’ शिवा त्रिपाठी, दीपक सिंह प्रेमी, वीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी, पं. हरिश्चन्द्र शुक्ल, नीलम त्रिपाठी, रामायण धर द्विवेदी, ओम प्रकाश पाण्डेय, कंचन माला त्रिपाठी, समीर तिवारी शांडिल्य, दिग्विजय सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, नवनीत पाण्डेय आदि ने देर रात तक प्रस्तुति दी। श्रोताओं ने अनेक कविताओं और शायरी पर कभी ठहाका लगाते तो कभी गहरे सन्नाटों में उनका अर्थ ढूंढते रहे। संचालन वरिष्ठ कवि डा. रामनरेश सिंह मंजुल ने किया।
इसके पूर्व अनेक विद्यालयों के चयनित बाल कवियो ने अपनी प्रस्तुति दी। जूनियर वर्ग में प्रथम खुशी, सूर्यांस मिश्र द्वितीय, सीनियर वर्ग में प्रकृति शुक्ल प्रथम, राजेन्द्र कुमार द्वितीय और शाम्भवी तृतीय को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पवन कसौधन, शान्ती चौधरी, इन्द्रवास सिंह, राजेश चित्रगुप्त, बाबू कैलाशनाथ, दीवानचन्द पटेल, हरीश सिंह, वीरेन्द्रनाथ कुमार पाण्डेय एडवोकेट के साथ ही बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे, कार्यक्रम देर रात तक उत्साहपूर्वक चलता रहा।

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