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India Monsoon 2025:दिल्ली में जलभराव से हालात बदतर, हिमाचल और असम में भारी तबाही; जानिए यूपी, राजस्थान समेत पूरे देश में मानसून का ताजा हाल

 देश में जैसे ही जुलाई ने दस्तक दी, दिल्ली-एनसीआर समेत कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया. एक तरफ जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर तेज बारिश ने जलभराव, ट्रैफिक जाम और बाढ़ का संकट खड़ा कर दिया. बुधवार (9 जुलाई) शाम दिल्ली के झिलमिल, ITO, अक्षरधामआउटर रिंग रोड, कालकाजी और अश्रम जैसे प्रमुख इलाकों में बारिश के चलते सड़कों पर गाड़ियां रेंगने लगीं. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन करना पड़ा. जखीरा अंडरपास, रोड नंबर 40, RTR रोड और NH-48 जैसे महत्वपूर्ण मार्ग जलभराव से प्रभावित रहे. एक ही दिन में PWD कंट्रोल रूम को 29 जलभराव की शिकायतें मिलीं.

उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते चमोलीरुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जिलों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं. बद्रीनाथ हाईवे पर कई जगह पत्थर गिरने से चारधाम यात्रा प्रभावित हुई. स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका और JCB मशीनों को तैनात किया.

हिमाचल प्रदेश में स्थिति

हिमाचल प्रदेश में स्थिति और भी विकट है. अब तक 31 फ्लैश फ्लड, 22 क्लाउडबर्स्ट और 17 लैंडस्लाइड दर्ज किए गए हैं, जिनमें 54 लोगों की जान जा चुकी है. 174 सड़कें बंद हैं और लगभग 740 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में लगातार बारिश से जलभराव की स्थिति बन गई है. निचले इलाकों में वाहन रुक गए और बाजार बंद हो गए. स्थानीय प्रशासन की तरफ से राहत काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन बारिश के रुकने के कोई संकेत नहीं हैं.

राजस्थान  में भी हालात चिंताजनक

राजस्थान के धौलपुर और जैसलमेर में भी हालात चिंताजनक हैं. पोकरण इलाके में एक गड्ढे में गिरकर एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई. धौलपुर के मनिया कस्बे में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया.

महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में बाढ़ की स्थिति बन गई है. 25 गांवों का संपर्क टूट गया है और वेनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है. 14 लोगों को रेस्क्यू किया गया है. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से दशाश्वमेध घाट, रामघाट जैसे धार्मिक स्थल डूब गए हैं. कई दुकानों का सामान बह गया और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं.

नागपुर में 1 की मौत 71 गांवों का टूटा संपर्क

महाराष्ट्र के नागपुर जिले में भारी बारिश और बाढ़ संबंधी दो अलग-अलग घटनाओं में बुधवार को एक युवक की मौत हो गई जबकि एक बाढ़ में बह गया। जिले के 71 गांवों का भी संपर्क टूट गया है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए नागपुर और वर्धा जिलों के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया था, जबकि अमरावती और यवतमाल के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट, और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अकोलावाशिमबुलढाणाचंद्रपुर, भंडारा और गोंदिया जिलों के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया था.

एक अधिकारी ने बताया कि नागपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर कलमेश्वर तहसील के बोरगांव निवासी अनिल हनुमंत पानपट्टे (35) सुबह लगभग 7.30 बजे एक उफनते नाले में बह गए. उन्होंने बताया कि पानपट्टे का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।अधिकारी ने बताया कि तड़के करीब चार बजे कार्तिक शिवशंकर लाडसे (18) यहां से करीब 30 किलोमीटर दूर उप्पलवाड़ी में एक उफनते नाले में गिर गया.उन्होंने बताया कि बाद में उसका शव बरामद किया गया.

असम में बाढ़ का विकराल रूप

असम इस मानसून में सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक बन गया है. अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है और 29,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. गोलाघाट जिला सबसे ज्यादा संकट में है, जहां अकेले 23,000 लोग प्रभावित हैं. 5,000 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं और हजारों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं. मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में लनवा और तुइथा नदियों का जलस्तर बढ़ने से 100 से ज्यादा घर पानी में डूब गए हैं. लोग सामुदायिक केंद्रों में शरण लिए हुए हैं.

हवाई यातायात पर मौसम का असर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बुधवार (9 जुलाई 2025) को शाम खराब मौसम के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कुल छह उड़ानों का मार्ग बदला गया और कई उड़ानों में देरी हुई. एक सूत्र ने यह जानकारी दी।बुधवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में बारिश हुई.भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मध्यम से तेज बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना हैसूत्र ने बताया कि चार उड़ानों को जयपुर और दो उड़ानों को लखनऊ की ओर मोड़ दिया गया.इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGIA) देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है.यहां प्रतिदिन लगभग 1,300 उड़ानों का संचालन होता है.

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