
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान सोमवार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। निर्वाचन आयोग के अनुसार इस चरण में राज्य के इतिहास का सर्वाधिक 64.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो अब तक का नया रिकॉर्ड है।
चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों ने पूरे मतदान प्रक्रिया की लाइव वेब-कास्टिंग के माध्यम से निगरानी की। यह पहली बार था जब राज्य के सभी 100 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर वेब-कास्टिंग की व्यवस्था की गई।
इस चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों के लिए लगभग 3.75 करोड़ मतदाता वोट डालने के पात्र थे। मतदान सुबह सात बजे से शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चला। कई इलाकों में मतदाता सुबह से ही लंबी कतारों में दिखाई दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए लगभग 4 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई। राज्यभर के 45,341 मतदान केंद्रों पर 67,902 पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी में प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। महिला मतदाताओं की सुविधा के लिए 90,000 से अधिक जीविका दीदी और महिला स्वयंसेवक तैनात की गईं। दिव्यांग मतदाताओं की मदद के लिए व्हीलचेयर और ई-रिक्शा जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गईं।
इस बार मतदान केंद्रों पर कई नई पहलें देखने को मिलीं — ईवीएम बैलेट यूनिट पर प्रत्याशियों की रंगीन तस्वीरें, वोटर इंफॉर्मेशन स्लिप (VIS) और मोबाइल डिपॉजिट सुविधा जैसी व्यवस्थाएँ मतदाताओं को खूब पसंद आईं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, अब तक मतदान से जुड़ी किसी बड़ी गड़बड़ी या हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली है। सभी जिलों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती से माहौल शांतिपूर्ण रहा।
अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक दल ने भी बिहार की चुनावी पारदर्शिता, तकनीकी तैयारी और मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की है।
पहले चरण में हुए इस रिकॉर्ड मतदान ने यह संकेत दिया है कि बिहार में लोकतांत्रिक जागरूकता और सहभागिता लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मतदान प्रतिशत में यह वृद्धि आने वाले चरणों के लिए भी उत्साहजनक संकेत है।




