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खेलों से सशक्त होती नारी — उदयपुर बनेगा अस्मिता का प्रतीक

हर बार जब कोई लड़की मैदान में कदम रखती है, वह सिर्फ खेल नहीं खेलती — वह अपने सपनों को जीती है। इस बार उदयपुर उस सपने का साक्षी बनने जा रहा है। 15 से 17 नवंबर तक झीलों की इस नगरी में आयोजित होने जा रहा है खेलो इंडिया अस्मिता स्टेट सिलंबम वूमेंस लीग 2025, जो महिलाओं के आत्मविश्वास, साहस और संघर्ष की मिसाल बनेगा।

यह आयोजन सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक आंदोलन है — उन बेटियों के लिए जो खेलों के माध्यम से अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। सिलंबम, जो प्राचीन भारतीय मार्शल आर्ट का एक रूप है, अब बालिकाओं की शक्ति का प्रतीक बनने जा रहा है।

रुक्मणि लोहार, उदयपुर सिलंबम एसोसिएशन की सचिव, कहती हैं —
“हम चाहते हैं कि हर लड़की अपनी शक्ति को पहचाने। यह लीग उनके आत्मविश्वास को पंख देगी।”
उनके ये शब्द सिर्फ बयान नहीं, बल्कि उस नारी जागरण की पुकार हैं जो खेलों के ज़रिए समाज की सोच बदल रही है।

राजस्थान के विभिन्न जिलों से आने वाली सब जूनियर, जूनियर और सीनियर बालिकाएं इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। इससे पहले 14 नवंबर को राज्य स्तरीय चैंपियनशिप भी होगी, जो नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का मंच बनेगी।

इस आयोजन का असली उद्देश्य है — खेलों के माध्यम से नारी सशक्तिकरण। मैदान में जब बेटियाँ डंडे और स्टिक से अपनी ताकत दिखाएँगी, तो वे यह संदेश देंगी कि नारी अब किसी क्षेत्र में पीछे नहीं।

उदयपुर की यह प्रतियोगिता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी — कि बेटियाँ केवल घर की दीवारों तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र की गौरवशाली ध्वजा भी बन सकती हैं।

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