नकली कोर्टरूम तैयार कर साइबर ठगों ने रिटायर्ड कर्मचारी से 30 लाख रुपए से ज्यादा की रकम ठग ली।

दिल्ली/जयपुर | सरकारी प्रेस रिलीज़
विषय: जयपुर में साइबर ठगों द्वारा रिटायर्ड कर्मचारी से 33.60 लाख रुपये की ठगी के संबंध में
दिनांक: 1 दिसंबर 2025
संक्षिप्त विवरण:
जयपुर जिले में साइबर अपराधियों ने रिटायर्ड हिंदुस्तान जिंक कर्मचारी से 33.60 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने खुद को पुलिस और CBI अधिकारी बताकर पीड़ित को वीडियो कॉल पर फर्जी कोर्टरूम में पेश किया और मानसिक दबाव डालकर डिजिटल तरीके से ‘गिरफ्तार’ किया।
विवरण:
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घटना का समय और प्रारंभ: 12 नवंबर को ट्रॉय अथॉरिटी न्यू दिल्ली के नाम से कॉल आया, जिसमें आधार कार्ड से जुड़े सिम पर 2 करोड़ रुपये के 40 ट्रांजैक्शन का झूठा आरोप लगाया गया।
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भय एवं दबाव: पीड़ित को वीडियो कॉल पर पुलिस वर्दी में व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने मामला मनी लॉन्ड्रिंग का बताया। पीड़ित को घर से बाहर न निकलने और किसी से संपर्क न करने के निर्देश दिए गए।
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फर्जी कोर्टरूम में पेशी: 13 नवंबर को वीडियो कॉल के माध्यम से वर्चुअल कोर्ट पेशी करवाई गई। ठगों ने बैंक पासबुक, जमा राशि, शेयर और संपत्ति की पूरी जानकारी फोटो द्वारा मंगवाई।
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ठगी की राशि: मानसिक दबाव में पीड़ित ने अलग-अलग दिनों में कुल 33.60 लाख रुपये और 7.64 लाख रुपये के शेयर ठगों को प्रदान किए।
कार्रवाई:
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पीड़ित ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे कुलदीप शर्मा को शिकायत दी।
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इसके बाद IG को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।
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28 नवंबर 2025 को साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया।
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साइबर थानाधिकारी रामनिवास के अनुसार, तकनीकी जांच जारी है और आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएंगे।
सार्वजनिक चेतावनी:
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कोई भी सरकारी या न्यायिक कार्रवाई व्हाट्सएप/वीडियो कॉल पर नहीं होती।
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डराने या धमकाने वाले कॉल पर कभी पैसे न दें।
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किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बैंक या व्यक्तिगत दस्तावेज़ साझा करने से बचें।
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ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें।




