सीएम साय ने अपने गृह जिले से एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत की, जिससे ग्रामीणों को त्वरित आपात चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती की दिशा में बड़ा कदम
एम्बुलेंस को हरी झंडी, ग्रामीणों को राहत
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने गृह जिले जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल की। शुक्रवार को उन्होंने ग्राम बगिया स्थित कैम्प कार्यालय परिसर से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल खासतौर पर ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले लोगों के लिए राहत लेकर आई है, जहां आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अब तक सीमित रही है।
CSR के माध्यम से मिली सुविधा
यह एम्बुलेंस बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि के तहत उपलब्ध कराई गई है। इसमें बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम, ऑक्सीजन सुविधा, प्राथमिक उपचार उपकरण और आधुनिक चिकित्सा संसाधन मौजूद हैं, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सकेगी।
मनोरा क्षेत्र पर रहेगा विशेष फोकस
एम्बुलेंस को मुख्य रूप से मनोरा क्षेत्र में सेवाएं देने के लिए तैनात किया गया है, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर पूरे जशपुर जिले में इसका उपयोग किया जाएगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और प्रसव संबंधी आपात स्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल तक पहुंचाना संभव होगा।
मुख्यमंत्री का संदेश
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर नागरिक तक त्वरित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और दूरवर्ती इलाकों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज और 50 बिस्तर वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल निर्माणाधीन है। इसके साथ ही जशपुर में प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना का कार्य भी प्रगति पर है।
समग्र विकास की ओर कदम
यह पहल न केवल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाएगी, बल्कि जिले के समग्र स्वास्थ्य तंत्र को भी मजबूत करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह एम्बुलेंस जीवनरक्षक साबित हो सकती है।




