सम्पादकीय
अरावली बचाने सड़क पर उतरे हजारों लोग, जनआंदोलन में छात्राओं ने भी रखी अपनी बात


सभा में भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन क्षीरसागर, महासचिव निशा सिद्धू, पीयूसीएल की राष्ट्रीय अध्यक्ष कविता श्रीवास्तव तथा राजस्थान अध्यक्ष भंवरलाल मेघवंशी ने कॉरपोरेट हितों के लिए अरावली के दोहन के प्रयासों पर कड़ा विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि जनता ने ऐसे षड्यंत्रों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को आंदोलन की मजबूती बताया गया।
ग्रामीणों ने अजीतपुरा, पवाना अहीर, कायमपुराबास, अल्ट्राटेक सीमेंट क्षेत्र, शुक्लावास सड़क और शुक्लावास नदी में संचालित क्रेशरों को लेकर नाराजगी जताई। पवाना अहीर स्थित महिला छात्रावास की छात्राओं ने बताया कि रात्रिकालीन खनन और ब्लास्टिंग से छात्रावास में रहना मुश्किल हो गया है।
जनसभा के बाद हजारों ग्रामीण “अरावली बचाओ” के नारे लगाते हुए पैदल मार्च कर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी को सौंपकर सुप्रीम कोर्ट के अरावली से जुड़े आदेश को रिवोक करने की मांग की गई। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि जब तक आदेश वापस नहीं लिया जाएगा, अरावली विरासत जन अभियान का संघर्ष जारी रहेगा।