अंतर्राष्ट्रीय

मादुरो के घर जैसी इमारत में 5 महीने ट्रेनिंग के बाद अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में पूरा किया ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’

Operation Absolute Resolve: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने की घोषणा की। यह मिशन 5 महीने की गुप्त तैयारी के बाद 3 जनवरी 2026 को पूरा हुआ। अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स और CIA ने मादुरो के हर मूवमेंट पर नजर रखी थी। ट्रंप ने फ्लोरिडा से ऑपरेशन का सीधा प्रसारण देखा।

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HighLights

  1. अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ से मादुरो को पकड़ा
  2. 5 महीने की गुप्त तैयारी के बाद मिशन सफल हुआ
  3. ट्रंप ने फ्लोरिडा से सैन्य कार्रवाई का सीधा प्रसारण देखा

3 जनवरी 2026, शनिवार की सुबह लगभग 4:21 बजे (स्थानीय समय) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला (Venezuela crisis) पर हमले की जानकारी देते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने का अभियान शुरू किया था।”

वेनेजुएला पर ट्रंप के इस एक्शन की किसी को दूर-दूर तक भनक नहीं थी। अमेरिकी सेना 5 घंटे में वेनेजुएला पर हमले के बाद स्वदेश वापस लौट आई। हालांकि, इस मिशन की तैयारी 5 महीने पहले से चल रही थी।

मादुरो के नकली घर को घेरने की प्रेक्टिस

अगस्त से अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की नजर निकोलस मादुरो पर थी। उनके सोने से लेकर घूमने, खाने और रहने की हर छोटी-बड़ी जानकारी अमेरिकी एजेंसियों के पास मौजूद थी। अमेरिकी सेना की डेल्टा फोर्स ने मादुरो के सुरक्षित ठिकानों और घर की डुप्लीकेट आकृतियां बनाई थीं। इन्हीं की मदद से अमेरिकी सेना मादुरो को घेरने की तैयारी कर रही थी।

Delcy Rodriguez (1)

4 दिन पहले मिली ट्रंप की मंजूरी

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने अगस्त से ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति से जुड़ी जानकारी जुटाना शुरू कर दिया था। समाचार एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मादुरो के एक करीबी ने उनकी सभी गतिविधियों पर नजर रखी। सारी तैयारी होने के बाद महज 4 दिन पहले ट्रंप ने इस ऑपरेशन को हरी झंडी दिखाई और अमेरिकी सेना ने काराकास पर धावा बोल दिया।

लॉन्च हुआ ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’

अमेरिकी सेना अच्छे मौसम का इंतजार कर रही थी। शनिवार की रात आसमान में कम बादल और साफ मौसम देखकर अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ लॉन्च कर दिया। इस दौरान ट्रंप फ्लोरिडा के पाम बीच पर मार-ए-लागो क्लब में मौजूद थे और सेना की सभी गतिविधियों का सीधा प्रसारण देख रहे थे।

ट्रंप के अनुसार,

मैंने अपने कार्यकाल में कई बार अच्छे मिशन किए हैं, लेकिन ऐसा पहले कभी नहीं देखा।

US Helicopter

लड़ाकू विमानों ने वेनेजुएला को घेरा

वेनेजुएला पर हमले से पहले अमेरिका ने कैरिबियन द्वीप में 1 एयरक्राफ्ट कैरियर, 11 वॉरशिप्स समेत 1 दर्जन से ज्यादा एफ-35 लड़ाकू विमान तैनात किए थे। 15000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक इस मिशन का हिस्सा बने। वहीं, बीती सुबह अमेरिका के अलग-अलग बेस से 150 एयरक्राफ्ट्स ने काराकास के लिए उड़ान भरी और महज आधे घंटे में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करके वापसी कर ली।

किसे थी ऑपरेशन की जानकारी?

अगस्त से चल रही इस हमले की तैयारी की खबर सिर्फ ट्रंप की कोर टीम को थी। इस लिस्ट में ट्रंप के अलावा वरिष्ठ सहयोगी स्टीफन मिलर, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और CIA के निदेशक जॉन रैटक्लिफ का नाम शामिल है।

Trump Venezuela

 

पूरी खबर संक्षेप में पढ़ें

बड़ी सैन्य कार्रवाई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर घोषणा की कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के लिए एक विशेष मिशन पूरा कर लिया है।

ऑपरेशन का नाम: इस गुप्त मिशन को ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नाम दिया गया, जिसे शनिवार तड़के (3 जनवरी 2026) अंजाम दिया गया।

लंबी तैयारी: हालांकि यह हमला महज 5 घंटे में पूरा हो गया, लेकिन इसकी तैयारी पिछले 5 महीनों (अगस्त 2025) से चल रही थी। CIA और डेल्टा फोर्स ने मादुरो के हर मूवमेंट पर नजर रखी हुई थी।

भारी सैन्य बल का इस्तेमाल: मिशन के लिए कैरिबियन द्वीप में 1 एयरक्राफ्ट कैरियर, 11 युद्धपोत, दर्जनों F-35 लड़ाकू विमान और 15,000 से ज्यादा सैनिक तैनात किए गए थे।

अचानक हमला: ट्रंप ने ऑपरेशन को महज 4 दिन पहले हरी झंडी दी थी। शनिवार रात साफ मौसम का फायदा उठाते हुए 150 अमेरिकी विमानों ने काराकास (वेनेजुएला) पर धावा बोला और मादुरो को गिरफ्तार कर लिया।

अत्यधिक गोपनीयता: इस मिशन की खबर ट्रंप की बेहद सीमित कोर टीम (स्टीफन मिलर, मार्को रुबियो, पीट हेगसेथ और जॉन रैटक्लिफ) के अलावा किसी को नहीं थी।

सीधा प्रसारण: जब अमेरिकी सेना इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही थी, तब राष्ट्रपति ट्रंप मार-ए-लागो क्लब (फ्लोरिडा) से इसका सीधा प्रसारण (Live Stream) देख रहे थे।

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