‘सीनियर डॉक्टर ने शादी से इनकार कर दिया’, महिला सर्जन ने खुद को जहरीला इंजेक्शन लगाकर दी जान

हैदराबाद में एक 23 वर्षीय दलित हाउस सर्जन ने जाति के नाम पर शादी का वादा टूटने से आहत होकर आत्महत्या कर ली। सिद्धिपेट मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रही इस युवा डॉक्टर ने हॉस्टल में खुद को जहर का इंजेक्शन लगाया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी सीनियर डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने जाति का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया था।
हैदराबाद में जाति के नाम पर शादी का वादा तोड़ने से आहत एक 23 साल की दलित हाउस सर्जन ने आत्महत्या कर ली। सिद्धिपेट के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप कर रही इस युवा डॉक्टर ने 3 जनवरी को हॉस्टल में खुद को जहर का इंजेक्शन लगा लिया था। इलाज के दौरान हैदराबाद के एक सरकारी अस्पताल में 4 जनवरी की सुबह उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने पहले शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में जाति का हवाला देकर मुकर गया। इसी धोखे और सदमे से तंग आकर युवती ने यह कदम उठाया। पीड़िता की बहन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
युवती सिद्धिपेट जिले के सरकारी मेडिकल कॉलेज की हाउस सर्जन थी। 3 जनवरी को कॉलेज हॉस्टल में उसने खुद को हर्बिसाइड का इंजेक्शन लगा लिया। बेहोश होने पर उसकी रूममेट्स ने उसे तुरंत सिद्धिपेट के अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर देखते हुए बाद में उसे हैदराबाद के एक बड़े सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। वहां भरपूर इलाज चला, लेकिन 4 जनवरी की सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी
पीड़िता की बहन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि सीनियर डॉक्टर ने धोखे से रिश्ता बनाया और शादी का झांसा दिया। लेकिन जब बात गंभीर हुई तो उसने जाति का बहाना बनाकर इनकार कर दिया। पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया। आरोपी, जो पिछड़े वर्ग से है, को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच जारी है।
कौन थी पीड़िता?
युवती जोगुलंबा-गडवाल जिले के एक गरीब परिवार से थी। उसके माता-पिता मजदूरी करते हैं। बड़ी बहन सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। बचपन से ही मेहनती युवती ने सोशल वेलफेयर स्कूल में पढ़ाई की और 2020 में सिद्धिपेट के सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिला लिया।
पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी वह आगे रहती थी। पुलिस का कहना है कि वह हमेशा अच्छे नंबर लाती थी और सबकी प्रेरणा थी। इंटर्नशिप के दौरान पिछले साल जुलाई में उसकी मुलाकात कॉलेज के ही एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी ने शादी का वादा किया। लेकिन जैसे ही जाति का मुद्दा सामने आया, उसने पीछे हट गए। इस धोखे से युवती बुरी तरह टूट गई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि जाति के अंतर ने उसे इतना दुखी कर दिया कि वह यह कदम उठा बैठी।




