राजस्थान पुलिस भर्ती घोटाला: 38 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर

एसओजी ने दर्ज किया मुकदमा
राजस्थान पुलिस की 2018 कांस्टेबल भर्ती से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जालोर जिले में तैनात 38 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एसओजी ने डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी हासिल करने और फर्जी दस्तावेज लगाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।
भर्ती प्रक्रिया पर फिर सवाल
पिछले कुछ वर्षों में पुलिस भर्ती परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में पुराने भर्ती मामलों की जांच के आदेश दिए थे।
जालोर एसपी ने की विस्तृत जांच
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जालोर जिला पुलिस अधीक्षक ने 2018 में भर्ती हुए संदिग्ध पुलिसकर्मियों की जांच शुरू करवाई। दस्तावेजों की तुलना और रिकॉर्ड मिलान के दौरान कई विसंगतियां सामने आईं।
हस्ताक्षर नहीं मिले मेल
जांच में पता चला कि इन पुलिसकर्मियों के हस्ताक्षर भर्ती के समय और बाद में किए गए दस्तावेजों से मेल नहीं खाते। पदोन्नति के समय भी हस्ताक्षरों में फर्क पाया गया।
पदोन्नति के बाद खुला मामला
जांच से पहले इनमें से कई पुलिसकर्मी पदोन्नत भी हो चुके थे। बावजूद इसके पहचान से जुड़ी गंभीर खामियां नजरअंदाज होती रहीं।
डमी कैंडिडेट की आशंका
एसओजी का मानना है कि भर्ती परीक्षा में असली अभ्यर्थी की जगह किसी अन्य व्यक्ति को बैठाया गया था। बाद में दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल की गई।
जांच का दायरा बढ़ा
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब एसओजी पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि यह मामला सिर्फ जालोर तक सीमित नहीं रह सकता।



