“युवाओं, मैकाले की मानसिकता को पीछे छोड़ो”— पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: युवा और संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में युवाओं से आग्रह किया कि हर राज्य में इसी तरह के संवाद आयोजित किए जाएँ। उन्होंने कहा कि युवाओं की सृजनात्मक क्षमता और विचारशीलता देश को विकसित भारत की दिशा में अग्रसर कर सकती है। पीएम मोदी ने अगले 10 वर्षों में मैकाले की गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।
यंग लीडर्स डायलॉग का महत्व
दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय कार्यक्रम में पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जेनरेशन जेड के युवा अपनी सृजनात्मकता और नवीन दृष्टिकोण से देश को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं। इस डायलॉग में युवा शक्ति के योगदान की सराहना की गई, जो यह दर्शाता है कि युवाओं में देश के विकास को आगे बढ़ाने की उत्सुकता है।
सुधारों और अवसरों की चर्चा
प्रधानमंत्री ने रिफॉर्म एक्सप्रेस के तहत किए गए सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इनसे युवाओं के लिए नए अवसर खुले हैं। स्पेस, रक्षा, ड्रोन, गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में हजारों स्टार्टअप खुले हैं, जिनमें युवा सक्रिय हैं। 2014 से पहले नीतिगत और कानूनी बाधाओं ने युवाओं की क्षमता को सीमित किया था, लेकिन अब सुधारों ने उन्हें स्वतंत्रता और अवसर प्रदान किए हैं।
युवा शक्ति और रचनात्मकता
पीएम मोदी ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, नवीन दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच देश के लिए सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कई देशों में जेनरेशन जेड द्वारा उठाए गए सत्ता विरोधी आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि भारत के युवाओं में भी यह क्षमता है, लेकिन इसे सकारात्मक दिशा में kanal करना चाहिए।
विवेकानंद से प्रेरणा
पीएम मोदी ने युवाओं को विवेकानंद के विचारों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा एक बेहतर और विकसित भारत बनाना था। युवाओं को इस प्रेरणा से काम करना चाहिए। सरकार भी विवेकानंद की जन्मजयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाती है, जिससे युवा प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
डायलॉग में युवाओं की भागीदारी
पिछले दो वर्षों से विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का आयोजन हो रहा है। 50 लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया, 30 लाख ने सक्रिय भागीदारी की और 3000 ने राष्ट्रीय स्तर पर डायलॉग में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने इसे राज्य स्तरीय थिंक टैंक बताया और हर राज्य को ऐसा करने की सलाह दी।
स्टार्टअप और आर्थिक अवसर
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप क्षेत्र में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्पेस, रक्षा, ड्रोन, गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में युवा सक्रिय हैं। इनसे देश में नई तकनीक और नवाचार की राह खुल रही है। युवा न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होंगे बल्कि देश के विकास में भी अहम योगदान देंगे।
राजनीतिक और सामाजिक सुधार
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से पहले युवा शक्ति को नीतिगत पंगुता और कानूनी अड़चनों के कारण सीमित किया गया था। उनकी सरकार ने इन बाधाओं को हटाकर युवा शक्ति को सक्रिय किया और उन्हें रचनात्मक कार्यों और स्टार्टअप के लिए स्वतंत्रता दी।
भविष्य की दिशा
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि युवा शक्ति अगले 10 वर्षों में मैकाले की गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह उखाड़ फेंकेगी। युवाओं को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए।
निष्कर्ष
पीएम मोदी ने युवाओं को भरोसा दिया कि उनका रचनात्मक दृष्टिकोण, स्टार्टअप में भागीदारी और समाज के प्रति जिम्मेदारी विकसित भारत की नींव रखेगी। उन्होंने युवाओं से हर राज्य में संवाद आयोजित करने और अपने विचार साझा करने का आग्रह किया।




