कटारा मोहरा, असली खेल राजनीतिक चेहरों का: राजकुमार रोत

पेपर लीक केस ने पकड़ी सियासी आग
राजस्थान शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा की गिरफ्तारी के बाद राजनीति गरमा गई है। भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत ने इस पूरे मामले को राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए सत्ता और विपक्ष दोनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
“एक व्यक्ति को फंसाकर बच रहे नेता”
रोत ने कहा कि कटारा केवल एक चेहरा हैं, असली दोषी वे नेता हैं जिन्होंने नौकरियों का सौदा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच एजेंसियों के बयानों में नेताओं के नाम हैं, तो कार्रवाई सिर्फ एक व्यक्ति तक क्यों सीमित है।
सिफारिश करने वालों की भूमिका संदिग्ध
सांसद ने कहा कि कटारा को आरपीएससी सदस्य बनाने की सिफारिश करने वाले नेताओं की भूमिका अब सवालों के घेरे में है। जो लोग आज चुप हैं, वही सबसे ज्यादा संदेहास्पद हैं।
कांग्रेस नेताओं के नाम लेकर हमला
राजकुमार रोत ने रघुवीर सिंह मीणा, दिनेश खोड़निया और अर्जुन बामनिया पर सीधे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांकरी डूंगरी प्रकरण में इन्हीं नेताओं की भूमिका रही और अब कटारा को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
मालवीया पर कटाक्ष
महेंद्रजीत सिंह मालवीया पर तंज कसते हुए रोत ने कहा कि राजनीतिक दल बदलना अब भ्रष्टाचार से बचने का आसान तरीका बन गया है।
आदिवासी नैरेटिव पर सवाल
रोत ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद यह प्रचार किया गया कि एक आदिवासी अधिकारी भ्रष्ट है, जबकि असली गुनहगार राजनीतिक चेहरे हैं जो पर्दे के पीछे हैं।
भाजपा सरकार पर दबाव
रोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से पूरे मामले का खुलासा करने की मांग की और कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो जीरो टॉलरेंस की नीति खोखली साबित होगी।




