वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका की बड़ी चाल, 30% महंगा बिकते ही मुनाफे की बारिश

पहली बार अमेरिकी नियंत्रण में वेनेजुएला का तेल
अमेरिका ने आधिकारिक रूप से वेनेजुएला के कच्चे तेल की बिक्री शुरू कर दी है। पहले ही सौदे में 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 45,299 करोड़ रुपये का तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचा गया। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस तेल की कीमत में लगभग 30% की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक बड़ा संकेत है।
2 अरब डॉलर की डील का हिस्सा
यह बिक्री अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हुई करीब 2 अरब डॉलर की डील का हिस्सा है। रॉयटर्स के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में और भी तेल खेपों की बिक्री की जाएगी। अमेरिकी प्रशासन मानता है कि तेल की बिक्री से मिलने वाली राशि दोनों देशों के हित में इस्तेमाल की जाएगी।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदले हालात
पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की स्थिति पूरी तरह बदल गई। अमेरिका ने इस मौके को रणनीतिक रूप से भुनाया और देश के विशाल तेल भंडार को अपने नियंत्रण में लेकर बिक्री शुरू कर दी।
30% ज्यादा कीमत क्यों मिल रही?
अमेरिकी एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने बताया कि वही बैरल, जो कुछ हफ्ते पहले कम कीमत पर बिक रहा था, अब अमेरिका के हाथों में आते ही 30% ज्यादा दाम पर बिक रहा है। इसका कारण बेहतर मार्केटिंग, भरोसेमंद सप्लाई और अमेरिकी नियंत्रण माना जा रहा है।
ट्रंप की रणनीति
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि वेनेजुएला के 30 से 50 मिलियन बैरल तेल को बाजार में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस फंड को वह खुद मॉनिटर करेंगे ताकि इसका सही उपयोग हो सके।
दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार
वेनेजुएला के पास 303 बिलियन बैरल का साबित तेल भंडार है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। लेकिन निवेश की कमी और राजनीतिक अस्थिरता के कारण उत्पादन बुरी तरह गिर चुका है।
निवेश से बदलेगी तस्वीर?
ट्रंप ने ऐलान किया है कि तेल कंपनियां कम से कम 100 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगी। अगर यह योजना सफल होती है, तो वेनेजुएला एक बार फिर तेल बाजार में बड़ी ताकत बन सकता है।




