सम्पादकीय
ब्रेन ट्यूमर: डर, भ्रम और हकीकत की पूरी तस्वीर

ब्रेन ट्यूमर: डर, भ्रम और हकीकत की पूरी तस्वीर
क्यों बढ़ रहे हैं ब्रेन ट्यूमर के मामले?
पिछले कुछ वर्षों में ब्रेन ट्यूमर के मामले बढ़े हैं, जिसकी एक वजह बेहतर डायग्नोसिस तकनीक भी है। अब बीमारी जल्दी पकड़ में आ रही है।
दिमाग पर ट्यूमर का असर
मस्तिष्क शरीर के हर हिस्से को नियंत्रित करता है, इसलिए ट्यूमर का असर सोच, बोलने, देखने और संतुलन पर पड़ सकता है।
❌ मिथ: हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत
👉 फैक्ट: सिरदर्द के कई कारण होते हैं—तनाव, माइग्रेन, साइनस। लेकिन अगर दर्द लगातार बढ़ रहा हो, तो जांच जरूरी है।
ब्रेन ट्यूमर होने के कारण
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जेनेटिक बदलाव
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रेडिएशन के संपर्क में आना
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कमजोर इम्यून सिस्टम
❌ मिथ: ब्रेन ट्यूमर का इलाज संभव नहीं
👉 फैक्ट: आज माइक्रो-सर्जरी और एडवांस स्कैनिंग से ट्यूमर निकालना संभव है।
इलाज के प्रमुख विकल्प
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सर्जरी
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रेडिएशन थेरेपी
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दवाएं
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कीमोथेरेपी
सही समय पर पहचान क्यों जरूरी?
शुरुआती स्टेज में इलाज आसान होता है और जीवन प्रत्याशा बढ़ जाती है।
निष्कर्ष
डर नहीं, जानकारी ही बचाव है। ब्रेन ट्यूमर का मतलब जिंदगी खत्म होना नहीं है।




