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Republic Day Parade: कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शन करेंगे 2,500 कलाकार

गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ पर 2,500 कलाकार ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के मुख्य विषय पर प्रदर्शन करेंगे। ऑस्कर विजेता एमएम कीरावनी संगीत निर्देशक, अनुपम खेर एंकर और संतोष नायर कोरियोग्राफर होंगे। इस बार दर्शक दीर्घाओं के नाम भारतीय नदियों और ‘बीटिंग रिट्रीट’ के स्थानों के नाम वाद्ययंत्रों पर रखे गए हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि होंगे।

HighLights

  1. 2,500 कलाकार ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रदर्शन करेंगे।
  2. एमएम कीरावनी, अनुपम खेर जैसे दिग्गज टीम का हिस्सा।
  3. दर्शक दीर्घाओं के नाम भारतीय नदियों पर आधारित होंगे।

 गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर इस बार 2,500 कलाकारों का एक विशाल समूह प्रदर्शन करने के लिए तैयार है, जिसका मुख्य विषय ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ है। प्रदर्शन का व्यापक विषय ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र – विकसित भारत’ होगा।

इस पर काम करने वाली रचनात्मक टीम के सदस्यों में संगीत निर्देशक के रूप में ऑस्कर पुरस्कार विजेता एमएम कीरावनी, गीतकार के रूप में सुभाष सहगल, एंकर के रूप में अनुपम खेर और कोरियोग्राफर के रूप में संतोष नायर शामिल हैं। संपूर्ण पर्यवेक्षण और निर्देशन संध्या पुरेचा के अधीन है। रचनात्मक डिजाइन और परिधान की जिम्मेदारी संध्या रमन संभालेंगी।

संस्कृति मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2,500 कलाकार भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी और मणिपुरी जैसे देश के विभिन्न नृत्य रूपों का प्रतिनिधित्व करेंगे। कीरावनी ने एक्स पर टीम का हिस्सा बनने को लेकर अपनी खुशी साझा की।

उन्होंने पोस्ट किया, ‘प्रिय देशवासियो, वंदे मातरम! प्रतिष्ठित गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर गणतंत्र दिवस परेड के लिए संगीत तैयार करने का अवसर पाकर मैं अत्यंत सम्मानित और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। राष्ट्रवाद की भावना का जश्न मनाने के लिए हमारे साथ जुड़ें।’

राष्ट्र गीत के छंदों को दर्शाने वाले चित्र लगेंगे

विषयवस्तु के अनुरूप, कर्तव्य पथ के किनारे राष्ट्र गीत के आरंभिक छंदों को दर्शाने वाले पुराने चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे और इसके रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्य मंच पर पुष्पों से बनी कलाकृतियां होंगी। पारंपरिक प्रथा से हटकर इस बार परेड स्थल पर पहले इस्तेमाल किए जाने वाले ‘वीवीआईपी’ (अति विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति) और अन्य नामों का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घा

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस बार दर्शक दीर्घा का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। इन नामों में ब्यास, ब्रह्मपुत्र, चंबल, चिनाब, गंडक, गंगा, घाघरा, गोदावरी, सिंधु, झेलम, कावेरी, कोसी, कृष्णा, महानदी, नर्मदा, पेन्नार, पेरियार, रावी, सोन, सतलुज, तीस्ता, वैगई और यमुना शामिल हैं।

‘बीटिंग रिट्रीट’ में बैठने के स्थानों का नाम वाद्ययंत्रों के नाम से

इसी तरह, 29 जनवरी को ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह के लिए बैठने के स्थानों का नाम भारतीय वाद्ययंत्रों – बांसुरी, डमरू, एकतारा, एसराज, मृदंगम, नगाड़ा, पखावज, संतूर, सारंगी, सरिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा के नाम पर रखा जाएगा।

उर्सुला वान डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा होंगे मुख्य अतिथि

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा परेड में मुख्य अतिथि होंगे। रक्षा सचिव आर के सिंह ने 16 जनवरी को साउथ ब्लॉक में प्रेस वार्ता में बताया कि निमंत्रण कार्ड पर राष्ट्र गीत की 150वीं वर्षगांठ का लोगो होगा।

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