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पोटका में हादसे के बाद रात भर सड़क किनारे तड़पता रहा युवक, कड़ाके की ठंड में किसी ने नहीं की मदद

पूर्वी सिंहभूम के पोटका में एक युवक सड़क दुर्घटना का शिकार होकर पूरी रात कड़ाके की ठंड में तड़पता रहा। रात 11 बजे हाईवा की टक्कर से जगदीश गोप का पैर टूट गया, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। सुबह मॉर्निंग वॉकर्स ने उसे देखा और पुलिस को सूचना दी। गंभीर हालत में उसे एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर किया गया है।
HighLights
- युवक रात 11 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ, पैर टूटा।
- सुबह ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, अस्पताल रेफर।
पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ युवक पूरी रात कड़ाके की ठंड में मदद के लिए तड़पता रहा, लेकिन सड़क से गुजरने वाले किसी भी व्यक्ति ने उसकी सुध नहीं ली।
जानकारी के अनुसार, राजनगर थाना क्षेत्र के गोवर्धन (हैंसल गांव) निवासी जगदीश गोप बीती रात लगभग 11 बजे जादूगोड़ा से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान हाता की ओर जा रही एक तेज रफ्तार हाईवा ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
दुर्घटना के बाद सड़क किनारे असहाय पड़ा रहा
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि जगदीश के पैर टूट गए और वह हिलने-डुलने में असमर्थ हो गया। घायल जगदीश ने बताया कि दुर्घटना के बाद वह सड़क किनारे असहाय पड़ा रहा।
कड़ाके की ठंड और असहनीय दर्द के बीच उसने मदद के लिए कई बार गुहार लगाई, लेकिन वहां से गुजरने वाले वाहन चालक और लोग उसे अनदेखा कर निकल गए। हार मानकर उसने किसी तरह खुद को बचाने के लिए सड़क किनारे आग जलाई और पूरी रात उसी सहारे तड़पते हुए काटी।
सुबह मॉर्निंग वॉकर्स ने दी सूचना
रविवार सुबह जब स्थानीय ग्रामीण मॉर्निंग वॉक के लिए निकले, तो उनकी नजर दर्द से कराह रहे जगदीश पर पड़ी। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पोटका पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से उसे नजदीकी नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल (MGM Hospital) रेफर कर दिया है।
पोटका में हाईवा की टक्कर से युवक गंभीर
रात 11 बजे घायल हुआ, नहीं मिली मदद




