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खाटूश्याम जी मंदिर में दर्शन के लिए रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं-सीसीटीवी निगरानी, फुटओवर ब्रिज और पार्किंग क्षेत्र बढ़ाए जाएंगे।

खाटू श्याम मेले 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार फाल्गुन मेला 12 की बजाय 8 दिन का हो सकता है। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए कई बदलाव किए हैं, जिनमें एग्जिट लाइनों में परिवर्तन, सीसीटीवी निगरानी, फुटओवर ब्रिज और बैरिकेडिंग की ऊंचाई बढ़ाना शामिल है।

खाटूश्याम जी मंदिर में दर्शन के लिए रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वहीं खाटू मेले के दौरान श्रद्धाओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो जाती है। इस बार के खाटू मेले की शुरुआत में अब कुछ ही दिनों का समय रह गया है। प्रशासन ने भी व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

खाटू मेला हर साल 12 दिनों का लगता है, लेकिन इस बार यह मेला सिर्फ आठ दिनों में समाप्त हो सकता है। वहीं भारी भीड़ को कंट्रोल करने के लिए भी बड़े बदलाव होने की उम्मीद है।

12 की जगह 8 दिन लगेगा मेला

खाटूश्याम जी का फाल्गुन मेले के आयोजन 12 दिनों के लिए किया जाता है। इस मेले के शुरुआती 3-4 दिनों में में हर दिन औसत एक लाख से ज्यादा लोग शामिल होते हैं। वहीं आखिर के 8 दिनों में करीब 20 लाख लोग दर्शन करने खाटूश्याम जी पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेले की अवधि को घटाकर 12 की जगह 8 दिन किया जा सकता है। अगर ऐसा किया जाता है, तब इस मेले का आयोजन 21 से 28 फरवरी के बीच किया जा सकता है।

खाटू मेले में कई बड़े बदलाव

खाटू मेले में इस बार भी दो एग्जिट रखे गए हैं। इनमें से 10 लाइनों का एग्जिट कला भवन की तरफ और 4 लाइनों का एग्जिट कबूतर चौक की तरफ हुआ करता था। लेकिन अब कला भवन की तरफ जाने वाली 10 लाइन में से 4 लाइनें गुवाड़ चौक की तरफ निकाली जाएंगी। ये फैसला भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लिया जा सकता है।

  • रींगस और मंडा के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी, जिससे खाटू मेले में व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।
  • 75 फीट ग्राउंड पर फुटओवर ब्रिज बनाया जाएगा, जिसे श्रद्धालु लोगों की लाइन के ऊपर से होकर एक जगह से दूसरी जगह जा सकेंगे।
  • पुलिस प्रशासन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बैरिकेडिंग की ऊंचाई भी बढ़ाने वाला है, जिससे कोई भी बैरिकेडिंग फलांग न सके।
  • खाटू मेले में इस सभी व्यवस्थाओं के साथ ही पार्किंग एरिया बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जिससे ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके।

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