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इटाहार में SIR सुनवाई पर हमला: आत्महत्या के बाद बिगड़े हालात, प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

उत्तर दिनाजपुर में अचानक भड़की हिंसा

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार इलाके में गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया उस समय विवादों में घिर गई, जब एक व्यक्ति की आत्महत्या के बाद हालात हिंसक हो गए। गुस्साई भीड़ ने SIR सुनवाई केंद्र पर हमला कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

आत्महत्या से फैला आक्रोश

मुरालीपुकुर गांव निवासी 51 वर्षीय चंदू सरकार का शव गुरुवार सुबह उनके घर के पास एक आम के पेड़ से लटका मिला। परिजनों का आरोप है कि चंदू की पत्नी जिन्नातुन खातून के नाम पर SIR सुनवाई का नोटिस मिला था। नोटिस मिलने के बाद से चंदू मानसिक तनाव में था और इसी दबाव के चलते उसने आत्महत्या कर ली।

सुनवाई केंद्र बना निशाना

चंदू की मौत की खबर फैलते ही इलाके में गुस्सा फैल गया। सुबह करीब 11:30 बजे सैकड़ों लोग लाठी-डंडों से लैस होकर इटाहार हाई स्कूल पहुंचे, जहां SIR की सुनवाई चल रही थी। भीड़ का आरोप था कि प्रशासन की कार्रवाई ने आम लोगों को भयभीत कर दिया है।

अधिकारियों पर हमला, तोड़फोड़

उग्र भीड़ ने स्कूल परिसर में घुसकर अधिकारियों पर हमला कर दिया। कुछ अधिकारी किसी तरह जान बचाकर भाग निकले, लेकिन पतिराजपुर क्षेत्र के कई अधिकारी घायल हो गए। टेबल, कुर्सियां और बेंच तोड़ दी गईं तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़कर बिखेर दिए गए।

पढ़ाई के बीच मची दहशत

हमले के वक्त स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं। अचानक हुई हिंसा से छात्र और शिक्षक सहम गए। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि शिक्षकों ने किसी तरह स्थिति संभालने की कोशिश की।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। रायगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुंतल बंद्योपाध्याय स्वयं हालात का जायजा लेने पहुंचे। कई घंटों तक SIR की सुनवाई पूरी तरह बंद रही। बाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इसे दोबारा शुरू किया गया।

राजनीतिक विरोध भी तेज

मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय इटाहार चौक पर 12 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया गया। तृणमूल कांग्रेस विधायक मुशर्रफ हुसैन और उनके समर्थकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

प्रशासन के लिए चेतावनी

यह घटना दर्शाती है कि SIR जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं में जनता को सही जानकारी और भरोसा देना बेहद जरूरी है। संवाद की कमी हालात को हिंसक बना सकती है।

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