कानपुर व आसपास के जिलों में हो सकती है हल्की बारिश, पश्चिमी यूपी में बारिश का आरेंज अलर्ट

पश्चिमी विक्षोभ के कारण कानपुर और उत्तर प्रदेश में मौसम बदल गया है। पश्चिमी यूपी के लिए ऑरेंज और पूर्वी यूपी के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। 26-28 जनवरी के बीच एक और विक्षोभ से बारिश की संभावना है। कानपुर में न्यूनतम तापमान गिरा, जबकि दिन का तापमान बढ़ा। किसानों को सिंचाई टालने की सलाह दी गई है। जनवरी अंत तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
HighLights
- पश्चिमी यूपी में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी।
- कानपुर में न्यूनतम तापमान गिरा, दिन गर्म रहा।
- किसानों को सिंचाई गतिविधियां स्थगित करने की सलाह।
पश्चिमी विक्षोभ आने के बाद पहाड़ों और कुछ राज्यों में भारी बर्फबारी, ओलावृष्टि और बारिश शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए आरेंज और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले विक्षोभ 26 और 28 जनवरी के बीच आएंगा। इससे फिर बारिश की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण जनवरी के अंतिम सप्ताह तक मौसम में उत्थल पुथल बनी रहेगी। मौसम में किसी तरह का बदलाव जाएगा उसका पूर्वानुमान नहीं लगाया गया है। इसी कारण 25 जनवरी से आगे किसी भी तरह का अलर्ट नहीं जारी किया गया है।
बुधवार की रात को पश्चिमी विक्षोभ का असर पहाड़ों समेत करीब छह राज्यों पर पड़ने लगा है। गुरुवार को कानपुर का न्यूनतम तापमान में कमी आई। इससे पहले लगातार तीन दिन रात का पारा 8.0 डिग्री रहा, जो गुरुवार को 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम रहा। वहीं 17 जनवरी से दिन को तापमान लगातार 20 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। गुरुवार को दिन का तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जिस कारण रात के मुकाबले दिन गर्म रहे रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार अब तक सबसे सशक्त पश्चिम विक्षोभ इस बार आया है। इसका प्रभाव सीधे सात राज्यों में पड़ रहा है। यूपी में कम प्रभाव के बावजूद पश्चिम क्षेत्र में अधिक बारिश होने और शेष जिलों में हल्की बारिश या गरज चमक होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 25 से 30 किलाेमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है।
मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि सुबह शाम हल्का कोहरा भी हो सकता है। शुक्रवार की दोपहर से पश्चिमी विक्षोभ के आगे निकलने के कारण हवा की गति छह से 20 किलाेमीटर प्रति घंटा रह सकती है। दिन में बादलों की आवाजाही हो सकती है।
दिन में बूंदा बांदी की ही संभावना है, हालांकि बारिश की तीव्रता बहुत कम रहेगी।किसानों को सलाह दी जाती है की वो अब अगले तीन से चार दिन सिंचाई की गतिविधियां स्थगित रखें, पानी भरे खेतों में तेज हवा से फसलों के गिरने का डर रहता है।




