राष्ट्रीय
तेज आंधी और ओलावृष्टि ने बदला मौसम का मिजाज, सड़क पर बर्फ की चादर, फसलों को नुकसान की आशंका


जिले के मोहन बड़ोदिया, बोलाई और चौमा क्षेत्रों में भी बारिश हुई। वहीं बरनावद, निपानिया, मांगलिया और सागड़िया सहित कई गांवों में बेर और नींबू के आकार के बड़े ओले गिरे। ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि सड़कों पर जमी बर्फ के कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। लोग अपनी गाड़ियां रोककर सुरक्षित स्थानों की तलाश करते नजर आए। कड़ाके की ठंड और ओलों के इस दौर से पूरे जिले में ठिठुरन बढ़ गई।
फसलों को हुआ नुकसान, किसान परेशान
किसानों के अनुसार ओलों की मार से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है। किसान अवधेश और नरेंद्र ने बताया कि बेमौसम ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है।
बुधवार को भी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि मौसम का यह मिजाज फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। बुधवार को भी इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों को मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवाओं की रफ्तार करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा रही। मौसम में आई नमी के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को हल्की गर्मी से राहत मिली है।


