अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका में फिर मंडराया शटडाउन का खतरा, ठप हो जाएंगे सरकारी कामकाज; DHS फंडिंग पर अटके डेमोक्रेट

अमेरिका एक बार फिर सरकारी शटडाउन के करीब है, जिसका मुख्य कारण डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की फंडिंग पर विवाद है। डेमोक्रेट्स अप्रवासन नीतियों पर चिंता जता रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन सीमा सुरक्षा के लिए फंडिंग को आवश्यक मानते हैं। यदि शुक्रवार तक फंडिंग बिल पास नहीं होता है, तो कई सरकारी कामकाज ठप हो जाएंगे, जिससे सेवाएं और कर्मचारियों के वेतन प्रभावित होंगे। आंशिक शटडाउन की संभावना अधिक है, जिससे महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों की रिपोर्टिंग भी रुक सकती है।

HighLights

  1. DHS फंडिंग पर डेमोक्रेट्स-रिपब्लिकन के बीच गहराया विवाद।
  2. शुक्रवार तक बिल पास न होने पर सरकारी कामकाज ठप।
  3. आंशिक शटडाउन से आर्थिक आंकड़े जारी होने में देरी।

अमेरिका एक बार फिर सरकारी शटडाउन के बेहद करीब पहुंच गया है। अगर समय पर फंडिंग बिल पास नहीं हुआ, तो कई सरकारी दफ्तरों में काम रुक सकता है।

हालात इसलिए और बिगड़ गए हैं क्योंकि इमिग्रेशन को लेकर राजनीतिक तनाव तेज हो गया है। निवेश और अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाली वेबसाइट इन्वेस्टोपीडियाके मुताबिक, इस बार शटडाउन की आशंका काफी ज्यादा है।

DHS फंडिंग पर सियासी टकराव

शटडाउन का खतरा उस समय बढ़ गया जब मिनियापोलिस में इमिग्रेशन विरोधी प्रदर्शनों के दौरान संघीय एजेंट्स की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके बाद राजनीति और ज्यादा गरमा गई।

सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने साफ कहा है कि अगर फंडिंग बिल में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के लिए पैसा शामिल रहा, तो डेमोक्रेट्स उसे आगे नहीं बढ़ने देंगे। DHS के तहत बॉर्डर पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारी काम करते हैं।

डेमोक्रेट्स का कहना है कि सरकार इमिग्रेशन कानूनों को जिस तरह लागू कर रही है, उसे लेकर वे चिंतित हैं। वहीं रिपब्लिकन पार्टी का तर्क है कि DHS को फंड देना सीमा सुरक्षा और सरकार को चलाए रखने के लिए जरूरी है।

शुक्रवार तक नहीं हुआ समझौता तो शटडाउन तय

अगर शुक्रवार तक कांग्रेस कोई फंडिंग बिल पास नहीं कर पाती है, तो कई सरकारी विभागों को बंद करना पड़ेगा। हालात इसलिए भी मुश्किल हैं क्योंकि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स अभी छुट्टी पर है और वह 2 फरवरी को ही लौटेगा।

अगर शटडाउन हुआ, तो यह तीन महीने से भी कम समय में दूसरा शटडाउन होगा। इसका असर सीधे आम लोगों पर पड़ेगासरकारी कर्मचारियों की सैलरी में देरी हो सकती है और कई जरूरी सेवाएं रुक सकती हैं।

शटडाउन को लेकर सट्टा बाजार भी चिंता दिखा रहा है। पॉलीमार्केटपर जनवरी में शटडाउन की संभावना सोमवार को बढ़कर 80% हो गई, जबकि शुक्रवार को यह सिर्फ 9% थी।

आंशिक शटडाउन की आशंका

स्टिफेल के चीफ पॉलिसी स्ट्रैटेजिस्ट ब्रायन गार्डनर ने CNBC को दिए इंटरव्यू में कहा कि हालात तेजी से बदले हैं और अब आंशिक शटडाउन सबसे ज्यादा संभव लग रहा है। यह अक्टूबर-नवंबर वाले शटडाउन से अलग होगा।

कुछ बड़े विभाग जैसे कृषि विभाग और आंतरिक मामलों का विभाग खुले रहेंगे, क्योंकि उनके लिए फंडिंग पहले ही मंजूर हो चुकी है। लेकिन कई अहम दफ्तर, जैसे ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स, बंद हो सकते हैं। यही विभाग नौकरियों, महंगाई और अर्थव्यवस्था से जुड़े अहम आंकड़े जारी करता है।

वेल्स फार्गो सिक्योरिटीज के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, जिन एजेंसियों पर शटडाउन का असर पड़ेगा, वे सरकार के करीब 90% खर्च को संभालती हैं। पिछले 43 दिनों के शटडाउन में बेरोजगारी थोड़े समय के लिए बढ़ी थी, आर्थिक रफ्तार धीमी हुई थी और कई अहम आर्थिक आंकड़े देर से आए थे।

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