अमेरिकी बाजार को राहत, भारतीय निर्यात को ताकत: ट्रेड डील का असर

दोनों देशों के रिश्तों में नया मोड़
भारत और अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते को दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम मोड़ माना जा रहा है। व्हाइट हाउस के मुताबिक इस डील से अमेरिकी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार ज्यादा खुला होगा।
टैरिफ घटने से किसे फायदा
अमेरिका द्वारा भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने से भारतीय निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिल सकता है।
भारतीय बाजार में अमेरिकी उत्पाद
भारत ने अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ हटाने या कम करने पर सहमति जताई है। इससे अमेरिका के कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बड़ा बाजार मिलेगा।
एग्री और फूड सेक्टर को बढ़त
डील में दालें, फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स जैसे उत्पादों को शामिल किया गया है। इससे भारत में इन उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी।
नॉन-टैरिफ अड़चनों पर सहमति
भारत ने उन नीतिगत बाधाओं को दूर करने का वादा किया है जो द्विपक्षीय व्यापार में रुकावट बन रही थीं। इससे व्यापार प्रक्रिया सरल होने की उम्मीद है।
डिजिटल ट्रेड पर सहमति
डिजिटल सर्विस टैक्स हटाने का फैसला अमेरिका के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। साथ ही दोनों देश डिजिटल ट्रेड नियमों पर मिलकर काम करेंगे।
टेक्नोलॉजी में सहयोग
व्हाइट हाउस के अनुसार, इस डील से टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स में आपसी व्यापार बढ़ेगा और साझा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।




