कांग्रेस के आरोपों पर हिमंत का पलटवार, अदालत में पहुंचे 12,000 बीघा जमीन के सवाल

मानहानि केस से बदला राजनीतिक खेल
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर कर राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। यह मुकदमा कांग्रेस द्वारा लगाए गए जमीन कब्जाने के आरोपों के बाद सामने आया है।
मुख्यमंत्री की खुली चुनौती
सीएम सरमा ने कहा कि कांग्रेस नेता अब तक केवल आरोप लगा रहे हैं, लेकिन उनके पास कोई ठोस प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि अदालत में अब कांग्रेस को यह बताना होगा कि 12,000 बीघा जमीन आखिर कहां है और किस आधार पर यह आरोप लगाया गया।
कांग्रेस का दावा और विवाद
असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की जांच में मुख्यमंत्री और उनके परिवार द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन कब्जाने के सबूत मिले हैं। हालांकि अब तक कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से कोई दस्तावेज पेश नहीं किया है।
कानूनी लड़ाई में कौन-कौन
इस मुकदमे में गौरव गोगोई के अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं भूपेश बघेल और जितेंद्र सिंह को भी शामिल किया गया है, जिससे यह मामला केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं रहा।
पाकिस्तान यात्रा पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने गोगोई की रावलपिंडी यात्रा को लेकर कहा कि बिना वीजा किसी दूसरे देश में प्रवेश करना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने संकेत दिए कि यह यात्रा सामान्य नहीं थी।
वीडियो मामला और कांग्रेस की शिकायत
इसी बीच कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने मुख्यमंत्री का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाया। इस मामले में गुवाहाटी के दिसपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है।
राजनीति और कानून का संगम
यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि असम में राजनीतिक लड़ाई अब केवल भाषणों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अदालतों तक पहुंच चुकी है।




