आखिर अमेरिका से लाखों की संख्या में क्यों पलायन कर रहे लोग? 90 साल का रिकॉर्ड टूटा

अमेरिका से बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन हो रहा है, जिसने 90 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1935 की महामंदी के बाद यह पहली बार है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग देश छोड़ रहे हैं।
HighLights
- अमेरिका से बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन जारी है।
- 90 साल बाद टूटा पलायन का रिकॉर्ड।
- 2025 में डेढ़ लाख लोगों ने छोड़ा अमेरिका।
अमेरिका से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। इन लोगों की संख्या इतनी ज्यादा है कि बीते 90 सालों का रिकॉर्ड टूट गया है। 1935 की महामंदी के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि अमेरिका से पलायन करने वाले लोगों का सिलसिला नहीं थम रहा।
फाइनेंशियल डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 2025 में अमेरिका से करीब डेढ़ लाख लोगों ने पलायन किया। वहीं इस साल 2026 में पलायन करने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
अमेरिका में नहीं बसना चाहते लोग
अमेरिका से जहां लोग भारी संख्या में पलायन कर रहे हैं, वहीं यूएस जाकर बसने वाले लोगों की संख्या में भी कमी आई है। अमेरिका में जाकर बसने वाले विदेशियों की संख्या आधे से भी कम रह गई है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे देशों से अमेरिका में जाकर करीब 26-27 लाख लोग जाकर बसे, वहीं 2023 में ऐसे लोगों की संख्या 60 लाख के करीब थी।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 देशों के 2025 के पूरे या आंशिक डाटा का विश्लेषण करके पता लगा कि कम से कम एक लाख 80 हजार अमेरिकी नागरिकों ने दूसरे देशों की तरफ रुख किया।
क्यों अमेरिका छोड़ रहे लोग?
अमेरिका से व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने बताया, अमेरिकी अर्थव्यवस्था दूसरे विकसित देशों से बेहतर प्रदर्शन कर रही है और सरकार लाखों गैरकानूनी इमिग्रेंट्स को डिपोर्ट कर रही है। बहुत से अल्ट्रा-हाई नेट वर्थ विदेशियों को भी टारगेट किया जा रहा है।
व्हाइट हाउस का कहना है कि इनमें से कई तो अमेरिका में बसने के लिए गोल्ड कार्ड के एक मिलियन डॉलर का भी भुगतान कर रहे हैं। अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने पिछले साल 6.75 लाख डिपोर्टेशन और 22 लाख सेल्फ डिपोर्टेशन की जानकारी दी थी।
रिलोकेशन कंपनियों का भी दावा है कि अमेरिका से बाहर जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है. एक्सपैट्सी की फाउंडर जेन बार्नेट के मुताबिक पहले जो अमेरिकी देश छोड़कर जाते थे, वो सुपर एडवेंचरस और अच्छे क्रेडेंशियल वाले होते थे, लेकिन अब आम लोग भी बाहर जा रहे हैं।
जेन बार्नेट का कहना है कि उनकी कंपनी का टारगेट 10 लाख अमेरिकियों को बाहर मूव कराना है। एक्सपैट्सी की फाउंडर का दावा है कि अमेरिका में भले ही सैलरी ज्यादा मिलती हो, लेकिन यूरोप में क्वालिटी लाइफ देता है।
90 साल का टूटा रिकॉर्ड
अमेरिका में अब से करीब 90 साल पहले 1935 में ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी। उस समय अमेरिका छोड़कर जाने वालों की संख्या वहां विदेश से आने वालों से कहीं ज्यादा थी।
1935 में महामंदी के दौरान अमेरिका में रहने वाले कई लोग काम की तलाश में सोवियत संघ चले गए थे। अमेरिका से फिर एक बार लोग दूसरे देशों की तरफ जा रहे हैं।




