राष्ट्रीय

ममता एबसेंट, राष्ट्रपति के वॉशरूम में पानी नहीं और फैला कचरा… कार्यक्रम में ‘चूक’ को लेकर केंद्र ने बंगाल सरकार से मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन पर केंद्र ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

  1. राष्ट्रपति के वॉशरूम में पानी नहीं, रास्ता कचरे से भरा था।

  2. केंद्र ने ‘ब्लू बुक’ उल्लंघन पर बंगाल से जवाब मांगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कथित ‘चूक’ को लेकर मचे राजनीतिक बवाल के बीच, केंद्र ने राज्य सरकार से रविवार शाम 5 बजे तक वेन्यू और रूट अरेंजमेंट से जुड़े प्रोटोकॉल के संदिग्ध उल्लंघन पर जवाब देने को कहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को लिखे एक लेटर में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्य से प्रोटोकॉल, वेन्यू और रूट अरेंजमेंट को कंट्रोल करने वाले ‘ब्लू बुक’ नियमों के कथित उल्लंघन के बारे में डिटेल में जानकारी देने को कहा।

राष्ट्रपति ने जताया दुख

बता दें कि ‘ब्लू बुक’ एक गोपनीय दस्तावेज है जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उनके परिवारों के लिए सिक्योरिटी और प्रोटोकॉल के नियम बताए गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास एक आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में कम लोगों के आने पर निराशा जताई और कार्यक्रम स्थल को बिधाननगर से बदलने के फैसले पर सवाल उठाया।

ममता की गैरमौजूदगी पर भी मांगा जवाब

टॉप के सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में राष्ट्रपति को लेने के लिए एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की गैरमौजूदगी पर भी जवाब मांगा गया है, जिसे ब्लू बुक प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना जाता है।

अधिकारियों ने कहा कि केंद्र ने इस बात पर भी ध्यान दिया है कि एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति को लेने के लिए सिर्फ सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब मौजूद थे, जिसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जा रहा है।

राष्ट्रपति के वॉशरूम में पानी भी नहीं

पीटीआई सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति के लिए जिस वॉशरूम की व्यवस्था की गई थी, उसमें कथित तौर पर पानी नहीं था। इस पर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा गया है। राज्य से यह भी पूछा गया है कि राष्ट्रपति को ले जाने के लिए प्रशासन ने जो रास्ता चुना था, वह कथित तौर पर कचरे से भरा क्यों था?

चिट्ठी में दार्जिलिंग डीएम, सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नर और एडीएम के खिलाफ की गई कार्रवाई की डिटेल्स भी मांगी गई हैं, जो कथित उल्लंघन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार लगते हैं। राष्ट्रपति मुर्मु को आदिवासी समुदाय के सालाना प्रोग्राम में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, जो असल में सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होने वाला था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button