उत्तर प्रदेश खेती में नंबर वन, 9 वर्षों में दुगनी हुई कृषि विकास दर; गन्ना भुगतान से लेकर मुफ्त बिजली तक ‘योगी मॉडल’ हिट

उत्तर प्रदेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 9 वर्षों में कृषि क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। राज्य की कृषि विकास दर 8.5% से बढ़कर 18% हो गई है। किसानों की कर्जमाफी, एमएसपी पर सीधा भुगतान, किसान क्रेडिट कार्ड वितरण और पीएम किसान सम्मान निधि जैसे कदमों से किसानों को सशक्त किया गया है। गन्ना और दुग्ध उत्पादन में भी यूपी देश में अग्रणी बन गया है, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों में कृषि क्षेत्र में एक ऐसी लंबी छलांग लगाई है, जिसने राज्य को ‘सर्वोत्तम प्रदेश’ की श्रेणी में खड़ा कर दिया है। 2017 से पहले जो किसान आत्महत्या और कर्ज के बोझ तले दबा था, वह आज न केवल आत्मनिर्भर है बल्कि सम्मान के साथ उत्पादक की श्रेणी में अग्रणी है। सत्ता संभालते ही योगी सरकार ने अपना पहला बड़ा फैसला 86 लाख किसानों की कर्जमाफी का लिया था, जिसने यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था की नींव बदल दी। इसका परिणाम यह हुआ कि राज्य की कृषि विकास दर 2016-17 के 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 18 प्रतिशत के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई है।
सबसे तेज गति से बढ़ता कृषि राज्य
आज उत्तर प्रदेश देश की महज 11 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि के साथ कुल खाद्यान्न उत्पादन में 21 प्रतिशत का भारी-भरकम योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 5660.33 करोड़ की क्षतिपूर्ति किसानों को दी जा चुकी है। तकनीक और वित्तीय मदद का आलम यह है कि 2025-26 के फरवरी माह तक ही 70.36 लाख किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही, पारदर्शी व्यवस्था के लिए राज्य के 1.99 करोड़ से अधिक किसानों की ‘फार्मर रजिस्ट्री’ बनाई जा चुकी है।
MSP का सीधा लाभ और पारदर्शी भुगतान प्रणाली
योगी सरकार ने क्रय केंद्रों पर बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। हालिया खरीफ सत्र 2025-26 में सरकार ने लक्ष्य से अधिक 62.30 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की, जिसके बदले 10.53 लाख किसानों को लगभग 15,000 करोड़ का भुगतान किया गया। खास बात यह है कि डीबीटी (DBT) के माध्यम से मात्र 48 घंटे के भीतर पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुँच रहा है। जहाँ पिछली सरकारों में किसान कर्जदार बनता था, वहीं वर्तमान ‘डबल इंजन’ सरकार ने राज्य की कृषि जीएसडीपी (GSDP) को 2.96 लाख करोड़ से बढ़ाकर 6.95 लाख करोड़ कर दिया है।
लैब से लैंड तक तकनीक और सस्ता कर्ज
कृषि को आधुनिक बनाने के लिए ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के जरिए वैज्ञानिक पहली बार प्रयोगशालाओं (Lab) से निकलकर सीधे किसानों के खेतों (Land) तक पहुँचे हैं। किसानों को बड़ी राहत देते हुए सीएम योगी ने घोषणा की है कि अब लघु व सीमांत किसानों को सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) से मात्र 6 प्रतिशत ब्याज पर लोन मिलेगा, जो पहले 11.50 प्रतिशत था। इसके अलावा, पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त तक यूपी के किसानों के खाते में 99,003.69 करोड़ की भारी धनराशि जमा हो चुकी है।
गन्ना और दुग्ध उत्पादन में वैश्विक पहचान
गन्ना किसानों के लिए पिछले 9 वर्ष किसी वरदान से कम नहीं रहे। जहाँ 2017 में गन्ने का भाव 300 था, वहीं आज 400 प्रति कुंतल मिल रहा है। एथेनॉल उत्पादन में भी यूपी 188 करोड़ लीटर के साथ देश में शीर्ष पर है। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी यूपी 388.15 लाख मीट्रिक टन के साथ नंबर-1 राज्य है, जो देश के कुल उत्पादन का 16.2 प्रतिशत है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक पशुओं की उत्पादकता को दोगुना कर विश्व स्तर पर मिसाल कायम करना है।




