अंतर्राष्ट्रीय

क्या हैं ईरान की 5 शर्तें? जिनके बिना नहीं होगी शांति वार्ता, ट्रंप पाकिस्तान में मीटिंग की बना रहे योजना

पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के लिए अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्रीय प्रस्ताव दिया, जिसे ईरान ने ठुकरा दिया और शांति वार्ता के लिए 5 शर्तें रखीं। इस बीच, ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमले जारी हैं।

  1. अमेरिका का प्रस्ताव ठुकराकर ईरान ने रखीं 5 शर्तें।
  2. ईरान और इजरायल के बीच मिसाइल हमले जारी।
  3. अमेरिका अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा, मध्यस्थता जारी।

 पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के लिए अमेरिका की ओर से ईरान के समक्ष एक प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही वह इस क्षेत्र में पैराट्रूपर्स और अतिरिक्त मरीन भी तैनात कर रहा है।

ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव ठुकरा दिया है और युद्ध रोकने के लिए पांच शर्तें रखी हैं। साथ ही उसने इजरायल और खाड़ी के अरब देशों पर मिसाइलों की बौछार जारी रखी है।

ईारन की 5 शर्तें

ईरान ने अमेरिका के सामने पांच शर्तें रखी हैं और उसका कहना है कि मिडिल ईस्ट में छिड़ा युद्ध अमेरिका की शर्तों पर नहीं, बल्कि ईरान की शर्तों पर ही समाप्त होगा।

  • हमले और हत्या की घटनाएं बंद हों।
  • सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो।
  • दोबारा युद्ध ना हो, ठोस तंत्र बने।
  • युद्ध नुकसान की भरपाई, मुआवजा तय हो।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिले।
Iran Regime fall

ईरान ने किया USS अब्राहम लिंकन पर हमला

ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर भी मिसाइल से हमला किया। वहीं, इजरायल की ओर से भी ईरान पर हमले जारी हैं।

ईरान तक अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने पहुंचाया है। मध्यस्थता के इन प्रयासों में मिस्त्र के अधिकारी भी शामिल हैं। मिस्त्र के एक अधिकारी ने बताया कि ईरान को भेजा गया 15 सूत्रीय प्रस्ताव युद्धविराम तक पहुंचने की ‘एक पूरी डील’ है।

मिस्त्र और पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि मध्यस्थ ईरानियों और अमेरिकियों के बीच आमने-सामने की बातचीत करवाने की कोशिश कर रहे हैं। हो सकता है कि यह बातचीत शुक्रवार को पाकिस्तान में हो जाए।

USS Abraham Lincoln

युद्धविराम की बात से इजरायल हैरान

ट्रंप से ईरान के विरुद्ध युद्ध जारी रखने की वकालत कर रहे इजरायली अधिकारी संघर्ष-विराम योजना पेश किए जाने से हैरान हैं। वहीं, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से युद्धविराम वार्ता का समर्थन करने के प्रयासों पर बात की।

चीन ने भी कहा कि वह पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और शांति वार्ता शुरू करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है।

युद्धविराम वार्ता के दावों के बीच इजरायली सेना ने बुधवार तड़के ईरान पर बड़े पैमाने पर नए हमलों की घोषणा की। इनमें सरकारी बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने उत्तर-पश्चिमी शहर कजवीन में हवाई हमलों की जानकारी दी। जब ईरान ने अपने हमले शुरू किए, तो इजरायल में कई बार मिसाइल हमले की चेतावनी वाले सायरन बजे। ईरान ने खाड़ी के अरब पड़ोसियों पर अपने हमले जारी रखे।

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने तेल-समृद्ध पूर्वी प्रांत में कम से कम आठ ड्रोन नष्ट कर दिए हैं। बहरीन में भी मिसाइल अलर्ट के सायरन बजे। कुवैत ने कहा कि उसने कई ड्रोन मार गिराए, लेकिन एक ड्रोन कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक फ्यूल टैंक से टकरा गया, जिससे आग लग गई।

हिजबुल्लाह ने कहा कि उसकी वायु रक्षा इकाइयों ने एक इजरायली लड़ाकू विमान पर हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागीं जिससे उसे लौटना पड़ा। इजरायली विमान दक्षिणी लेबनान पर हमले कर रहा था।

America Israel change strategy against Iran

अमेरिका खाड़ी देशों में तैनात कर रहा सैनिक

सूत्रों ने बताया कि अमेरिका आने वाले दिनों में 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के लगभग 1,000 सैनिकों को पश्चिम एशिया भेजेगा। ये पैराट्रूपर्स (हवाई सैनिक) दुश्मन के कब्जे वाले इलाकों में उतरने के लिए खास तौर पर प्रशिक्षित होते हैं, ताकि वे अहम इलाकों और हवाई अड्डों को अपने कब्जे में ले सकें।

पेंटागन इस इलाके में करीब 5,000 और मरीन (थल व जल दोनों जगह लड़ने में माहिर) और हजारों नौसैनिक भेजने की तैयारी में भी है।

खुद से बात कर रहा अमेरिका: ईरान सेना

अमेरिकी प्रस्ताव पर ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागरी ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘क्या आपके अंदरूनी झगड़े इस हद तक पहुंच गए हैं कि आप खुद से ही वार्ता करने लगे हैं?’

उन्होंने कहा, ‘हमारी पहली और आखिरी बात पहले दिन से ही एक जैसी रही है और आगे भी वैसी ही रहेगी। हमारे जैसा कोई भी इंसान, आप जैसे लोगों से कभी भी कोई समझौता नहीं करेगा। न अभी, न कभी।’ जोल्फागरी ने कहा कि अमेरिका बातचीत करने की स्थिति में नहीं है।

क्या है 15 सूत्रीय अमेरिकी प्रस्ताव?

ईरान के समक्ष रखे गए अमेरिकी प्रस्ताव में प्रतिबंधों में राहत, असैन्य परमाणु सहयोग, ईरान के परमाणु कार्यक्रम की समाप्ति, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा निगरानी, मिसाइल कार्यक्रम पर प्रतिबंध और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल है।

मिस्त्र के एक अधिकारी ने बताया कि इस प्रस्ताव में ईरान द्वारा हथियारबंद गुटों को दिए जाने वाले समर्थन पर पाबंदियां भी शामिल हैं। युद्ध से पहले हुई बातचीत में इनमें से कुछ मुद्दे शुरू से ही नामंजूर थे।

ईरान हमेशा से कहता रहा है कि वह अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम या क्षेत्रीय मिलिशिया को दिए जाने वाले समर्थन पर कोई बात नहीं करेगा, क्योंकि वह इन्हें अपनी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी मानता है।

साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले आवागमन को नियंत्रित करने की उसकी क्षमता उसके सबसे बड़े रणनीतिक फायदों में से एक है।

Trump talk with which person in Iran instead of Mojtaba (1)

कुशनर या विटकाफ के बजाय वैंस से बात करना चाहता है ईरान

एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी प्रतिनिधियों ने बुधवार को ट्रंप प्रशासन से कहा कि वे अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकाफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के साथ फिर से बातचीत शुरू नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि उन दोनों के बजाय वे अमेरिका के उपराष्ट्रपति जीडी वेंस के साथ बातचीत करना पसंद करेंगे।\

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का मानना है कि विटकाफ और कुशनर के साथ बातचीत फलदायी नहीं होगी, क्योंकि इजरायल व अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने से पहले बातचीत टूट जाने के बाद से विश्वास में कमी आ गई है। ईरान का मानना है कि वेंस युद्ध खत्म करने के प्रति अधिक उत्सुक हैं।

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