यूपी में बढ़ी बिजली की मांग: गर्मी और नई तकनीक का असर

तेजी से बढ़ती खपत
उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और यह 21,450 मेगावाट तक पहुंच गई है। पिछले कुछ दिनों में ही मांग में करीब साढ़े तीन हजार मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे बिजली विभाग सतर्क हो गया है।
तापमान का असर
गर्मी के बढ़ते प्रभाव के साथ बिजली की खपत में तेजी आ रही है। हालांकि अभी ज्यादा गर्मी नहीं पड़ी है, लेकिन तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। आने वाले दिनों में एसी और कूलर के उपयोग से मांग और बढ़ सकती है।
इंडक्शन और ईवी का योगदान
गैस सिलिंडर की समस्या के कारण लोग इंडक्शन चूल्हों का अधिक उपयोग कर रहे हैं। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की संख्या भी बढ़ रही है, जिनकी चार्जिंग के लिए बिजली की जरूरत होती है। ये दोनों कारक मांग बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मौसम से मांग में उतार-चढ़ाव
हाल ही में बारिश के कारण बिजली की मांग घटकर 18,031 मेगावाट तक पहुंच गई थी, लेकिन मौसम साफ होते ही यह फिर तेजी से बढ़ गई।
जून में रिकॉर्ड मांग की संभावना
पावर कॉरपोरेशन का अनुमान है कि जून में बिजली की मांग 34,000 मेगावाट से अधिक पहुंच सकती है। पिछले साल यह आंकड़ा 31,309 मेगावाट था।
विभाग का आश्वासन
पावर कॉरपोरेशन ने कहा है कि फिलहाल बिजली की उपलब्धता पर्याप्त है और प्रदेशवासियों को तय शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति की जा रही है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग भविष्य की चुनौती का संकेत है। गर्मी, इंडक्शन उपकरण और ईवी का बढ़ता उपयोग इसे और बढ़ा सकता है। इसलिए समय रहते तैयारी जरूरी है।




