नीट-यूजी 2026 पर राजस्थान एसओजी की छानबीन, लीक हुए ‘गेस पेपर’ का मामला

राजस्थान में नीट-यूजी 2026 की परीक्षा से पहले कथित ‘गेस पेपर’ लीक मामले ने सनसनी मचा दी है। एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) द्वारा इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, परीक्षा में पूछे गए कुल 410 प्रश्नों में से लगभग 120 रसायन शास्त्र के प्रश्न उन प्रश्नों से मेल खाते हैं जो कथित लीक हुए पेपर में पहले से मौजूद थे।
यह मामला तब सामने आया जब छात्रों और अभिभावकों के बीच इसका चर्चा हुआ कि परीक्षा में कुछ प्रश्न पहले से ही उपलब्ध ‘गेस पेपर’ में थे। इस संदर्भ में राजस्थान पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया और तथ्य जुटाने में जुटी है। हालांकि, अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच चल रही है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।
पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की जांच में यह पाया गया है कि पेपर के कुछ प्रश्न लीक हुए हैं, जो कि परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्न चिह्न लगाते हैं। एसओजी ने पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और जल्द से जल्द इसका खुलासा करने का प्रयास कर रही है। अभी तक मिली रिपोर्ट के अनुसार, प्रश्न के चयन प्रक्रिया में कहीं न कहीं सेंध लगाई गई हो सकती है।
यह घटना नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा सकती है और ऐसे में एसओजी हर पहलू की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भविष्य में ऐसी किसी भी धोखाधड़ी को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जाएगा।
इस दौरान, छात्रों और अभिभावकों को शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। संबंधित विभाग से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि वे जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करें ताकि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता कायम रहे। समाज में शिक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निष्पक्षता बनाए रखना हर सरकार और एजेंसी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
देशभर के हजारों छात्रों के लिए नीट-यूजी एक बहुत ही महत्वपूर्ण परीक्षा है, जो उनके भविष्य का निर्धारण करती है। ऐसे में पेपर लीक जैसे मामले परीक्षा प्रक्रिया की पवित्रता को प्रभावित कर सकते हैं, और इसलिए इस मामले की जांच को पूरी ईमानदारी और गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
आगे की जांच के आधार पर एसओजी जरूरी कानूनी कार्रवाई करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी, ताकि आगामी परीक्षाओं में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल सभी की निगाहें इस जांच पर टिकी हैं कि एसओजी इस मामले को किस तरह से हल करती है और न्यायालय तक इसे कैसे पहुंचाती है।




