राष्ट्रीय

Year Ender 2025: तेजू भैया से SIR और हिजाब तक… 2025 के 10 बड़े राजनीतिक विवाद

साल 2025 कई राजनीतिक विवादों से भरा रहा। चुनाव आयोग के SIR प्रक्रिया, बिहार में हिजाब विवाद, मनरेगा की जगह G राम G का प्रस्ताव, पीएम मोदी की मां के खिलाफ अपशब्द, जातिगत जनगणना की मांग, वक्फ बिल विवाद, ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ के नारे, राहुल गांधी की ‘दो भारत’ थ्योरी, RG Kar Medical केस और लालू परिवार विवाद जैसे मुद्दों ने खूब सुर्खियां बटोरीं। इन घटनाओं ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया और बहस को जन्म दिया।

2025 खत्म होने वाला है। यह साल कई मायनों में खास रहा। इस साल कई ऐसी घटनाएं हुई जिन्होंने राजनीतिक हलकों में तहलका मचा दिया। जैसे-जैसे साल बिताता गया, कई विवाद सामने आते रहे।

कुछ मुद्दों पर सड़क से लेकर संसद में हंगामा मचा। इस लेख में हम उन 10 बड़े राजनीतिक विवादों के बारे में चर्चा करेंगे जिन्होंने टेलीविजन की सुर्खियां बटोरीं।

SIR और घुसपैठियों का मुद्दा बना चर्चा का विषय

इस साल की शुरूआत में चुनाव आयोग ने कई राज्यों में Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया शुरू की। SIR का मुद्दा पूरे साल राजनीतिक मुद्दे का विषय बना रहा। बिहार चुनाव में और उसके बाद अन्य राज्यों में सबसे ज्यादा बहसIR को लेकर ही हुई।सरकार का कहना था कि इसका मकसद फर्जी वोटर्स और घुसपैठियों के नाम हटाना है।

jagran-photo-1761956704631

लालू परिवार विवाद

2025 की शुरुआत में लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निकाल कर दिया। तेज प्रताप यादव ने इसे अपमान बताया और खुलकर बगावत कर दी। उन्होंने कहा कि ‘मैं किसी की जागीर नहीं हूं, मेरी राजनीति जनता तय करेगी।’ इसके बाद उन्होंने अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया, हालांकि उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। चुनाव के बाद सबसे बड़ा भावनात्मक मोड़ आया। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य अचानक अपने पिता से दूर होती दिखीं।

पीएम मोदी की दिवंगत मां के खिलाफ अपशब्द

दरभंगा में राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ अपशब्द बोले। इस कार्यक्रम का बाद में वीडियो वायरल हुआ। दावा किया गया कि जब ये कार्यक्रम हो रहा था उस दौरान मंच पर राहुल, प्रियंका और तेजस्वी के पोस्टर थे। भाजपा ने इसे राजनीतिक मर्यादा भंग बताया और FIR दर्ज कराई।

MODI

जातिगत जनगणना

2025 में कई राज्यों ने जातिगत जनगणना की मांग तेज कर दी गई। महाराष्ट्र चुनाव से लेकर बिहार चुनाव से पहले तक राहुल गांधी के हर भाषण में जातिगत जनगणना का जिक्र हुआ। उनका कहना था कि पुराना डेटा आज की सामाजिक हकीकत नहीं दिखाता।

rahul

वक्फ बिल विवाद

सरकार ने इस साल वक्फ़ संपत्तियों के प्रबंधन में बदलाव का नया बिल पेश किया। इसका मकसद वक्फ़ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकना और पारदर्शिता बढ़ाना है। इस बिल को लेकर मुस्लिम संगठनों और विपक्ष ने जमकर बवाल काटा साथ ही इसे धार्मिक संस्थाओं में सरकारी दख़ल बताया।

WAQF BILL

I Love Muhammad’ vs ‘I Love Mahadev’

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक जगहों पर ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ जैसे धार्मिक नारे और पोस्टर आये। प्रशासन ने इन्हें हटाया और कार्रवाई के सख्त आदेश दिए, जिसके बाद मामला राजनीतिक बहस बन गया।विपक्ष ने कार्रवाई को धार्मिक भेदभाव बताया, जबकि सरकार समर्थकों ने इसे सांप्रदायिक तनाव रोकने की जरूरत कहा।

MAHADEV

राहुल गांधी की ‘दो भारत’ थ्योरी

राहुल गांधी ने विदेशी मंच पर भारत में ‘दो तरह के नागरिक’ होने की बात कही। विदेशों में लोकतंत्र और संस्थानों पर सवाल उठाए। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल “भारत की छवि खराब” कर रहे हैं। NDA नेताओं ने इसे ‘एंटी-नेशनल नैरेटिव’ कहा।

rahulll

RG Kar Medical केस: केंद्र vs बंगाल

कोलकाता के RG Kar Medical College में एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया। मामला केंद्र और राज्य के बीच टकराव में बदल गया, जब केंद्रीय एजेंसियों ने जांच शुरू की और अस्पताल व प्रशासनिक अधिकारियों से पूछताछ की। भाजपा नेताओं ने बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। ममता ने कहा, ‘बंगाल को दिल्ली से कंट्रोल करने की कोशिश हो रही है। यह संघीय ढांचे पर हमला है।’

rg_kar_medical_college

नीतीश कुमार का हिजाब विवाद क्या हुआ?

बिहार में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान एक महिला डॉक्टर के हिजाब से जुड़ा वीडियो वायरल हुआ। आरोप लगे कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हिजाब हटाया। इस पर विपक्ष से लेकर मुस्लिम संगठन ने जमकर मुद्दा उठाया।

Trumps Israeli parliament (36)

मनरेगा की जगह G राम G

केंद्र सरकार ने MGNREGA में संरचनात्मक बदलाव करते हुए नए नाम (G राम G) और मॉडल की बात की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ग्रामीण गरीबों की सबसे बड़ी योजना को कमजोर कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button