घर के खाने से दूर होंगी बच्चों में पेट दर्द, कम भूख, उल्टी, चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं

बच्चों में पेट दर्द, गैस, कम भूख, उल्टी और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं आज आम होती जा रही हैं। ओपीडी में आने वाले हर 10 में से करीब 5 बच्चे इन दिक्कतों से परेशान मिलते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य कारण बच्चों का जंक फूड और बाहर के तले-भुने खाने की ओर अधिक झुकाव है।
चिप्स, बिस्किट, मैगी, कोल्ड ड्रिंक और होटल का मसालेदार भोजन बच्चों के पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाता है। इससे पेट की समस्या के साथ-साथ उनका स्वभाव भी चिड़चिड़ा हो जाता है। कई अभिभावक दवाओं से तुरंत राहत चाहते हैं, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि दवाओं से इसका स्थायी समाधान संभव नहीं है।
इसका सही इलाज है घर का बना सादा, संतुलित और पौष्टिक भोजन। बच्चों के आहार में खिचड़ी, दलिया, दाल-भात, हरी मौसमी सब्जियां और फल जरूर शामिल किए जाने चाहिए। छह माह से अधिक उम्र के बच्चों को भी सेमी-सॉलिड रूप में यह भोजन देना जरूरी है। केवल दूध पर निर्भर रहना भी नुकसानदायक हो सकता है।
अभिभावकों को बच्चों के साथ बैठकर खाना चाहिए, ताकि बच्चे भी वही भोजन करने के लिए प्रेरित हों। दिन में कम से कम तीन बार संतुलित आहार देना जरूरी है। इन खाद्य पदार्थों में मौजूद फाइबर, विटामिन और मिनरल्स पाचन सुधारते हैं और भूख बढ़ाते हैं।
यदि 10 दिन तक खानपान सुधारने के बाद भी समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। बच्चों को बाहर का खाना रोज न दें और खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। मौसम बदलने पर बुखार या खांसी हो तो समय पर उपचार जरूरी है।




