मोबाइल की लत पर काबू: कर्नाटक सरकार का ड्राफ्ट तैयार, छात्रों के लिए तय होगा स्क्रीन टाइम

बेंगलुरु:
डिजिटल युग में बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर चिंतित कर्नाटक सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीति मसौदा जारी किया है। इस मसौदे का उद्देश्य छात्रों में स्मार्टफोन और इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग को नियंत्रित करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना है।
स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि मोबाइल फोन के कारण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। चिंता, नींद की कमी और सामाजिक दूरी जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परिवारों में आपसी संवाद कम हो रहा है, जो सामाजिक संरचना के लिए चिंताजनक है।
नई नीति के तहत स्कूलों को अपनी डिजिटल उपयोग नीति बनानी होगी। इसमें स्क्रीन टाइम को सीमित करना, मनोरंजन के लिए मोबाइल के उपयोग को एक घंटे तक सीमित करना और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना शामिल है। साथ ही, साइबर बुलिंग जैसे मामलों से निपटने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका को भी अहम बताया है। नीति में सुझाव दिया गया है कि उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे बच्चों को सही डिजिटल व्यवहार सिखा सकें।
मसौदे में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगभग एक चौथाई किशोर इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग के कारण विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को भी इस नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
इसके साथ ही, स्कूलों में खेलकूद, योग और अन्य ऑफलाइन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है, ताकि बच्चों का शारीरिक और मानसिक संतुलन बना रहे।




