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जंगलों में हाथियों की बढ़ी उपस्थिति ने जिले के कई गांवों को डर के साए में ला दिया है।

छत्तीसगढ़ का ऊर्जाधानी कहा जाने वाला कोरबा जिला इन दिनों हाथियों की वजह से सुर्खियों में है. कोरबा के कई इलाकों में हाथियों की मूवमेंट हाल के दिनों में बढ़ गई है. वन मंडल कोरबा पसरखेत रेंज में विचरण कर रहे हाथियों के दल में से एक लोनर हाथी बिछड़ कर बालको रेंज के काफी पॉइंट क्षेत्र पहुंच गया था. जिसके बाद वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बालको से काफी प्वाइंट की ओर जाने वाले मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया.

कोरबा के कई क्षेत्रों में घूम रहा हाथियों का दल

रविवार को बालको और कॉफी प्वाइंट के रास्ते को खोला गया है. इस दौरान हाथी पूरे दिन इस क्षेत्र में विचरण करता रहा और रात में बेला गांव पहुंचकर वहां के खेतों में लगे फसल को रौंदने के बाद पसारखेत चला गया. कोरबा वन मंडल के गांव कोटमेर, चिकनीपाली, गीतकुंवरी और पसरखेत रेंज के जंगल में हाथी मौजूद हैं. अलग-अलग दल में बंटे हाथियों को ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है. इधर रविवार की शाम को कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में हाथी ने एक वृद्ध महिला को मौत के घाट उतार दिया. जिसके बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है.

कोरबा के जंगलों में घूम रहा हाथियों का दल

इस बीच केराकछार क्षेत्र में मौजूद 6 हाथी आसपास विचरण कर रहे हैं. वह लगातार अपना लोकेशन बदल रहे हैं. एक दल ने लेमरू रेंज की सीमा में प्रवेश कर वहां के जंगल में भी डेरा डाल दिया है. उधर करतला रेंज के बेहरचुवां क्षेत्र में 5 हाथी अभी भी विचरण कर रहे है. जबकि चिकनीपाली में 15 हाथी मौजूद हैं. हाथियों के इस दल ने कोई बड़ा नुकसान क्षेत्र में नहीं पहुंचाया है. वहीं कुदमुदरा रेंज के गीतकुवांरी में भी 2 हाथी सक्रिय हैं. हाथियों के अलग-अलग क्षेत्र में होने के कारण इन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है, वन विभाग की भी परेशानी बढ़ गई है.

हाथी के हमले में महिला की मौत

खेत की फसल के बाद कटाई कर खलिहान में रखे धान को चट करने के लिए हाथी गांव तक पहुंच रहे है. रविवार को पसान रेंज ग्राम भर्रापारा में एक हाथी ने एक महिला की जान ले ली थी. शाम के समय महिला अपने घर के बाड़ी में धान की रखवाली कर रही थी. इस दौरान हाथियों ने महिला पर हमला कर दिया.

हाथी के हमले से लोगों में डर का माहौल

कटघोरा वन मंडल में इन दिनों एतमानगर और पसान में 53 हाथी विचरण कर रहे हैं. गांव के निकट जंगल में दल के विचरण से क्षेत्र भर में मिसाई का काम ठप है. प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल है. रविवार शाम को गोलाबहरा के आश्रित ग्राम भर्रापारा के खलिहान में इंद्रकुंवर(70 साल) धान की रखवाली कर रही थी. जिसे हाथी ने कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. इस घटना के बाद इस पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है वन विभाग लगातार निगरानी में लगा हुआ है. कोरबा वन मंडल की डीएफओ प्रेमलता यादव ने बताया कि हाथी मित्र दल के माध्यम से हम लगातार हाथियों की निगरानी कर रहे हैं, ग्रामीणों को सतर्क करने में लगे हुए हैं.

हाथी काफी अलग-अलग क्षेत्र में बंट गए हैं और विचरण कर रहे हैं. इस कारण इन्हें ट्रैक करने में काफी परेशानी हो रही है. हालांकि एक लोनर हाथी पसरखेत लौट गया है, जिसके बाद काफी पॉइंट के मार्ग को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. धान खरीदी केंद्र चचिया के समीप भी एक लोनर हाथी पहुंच गया था. हालांकि उसने कुछ नुकसान नहीं पहुंचाया है- प्रेमलता यादव, डीएफओ, कोरबा वन मंडल

धान खरीदी केंद्र के करीब पहुंचा हाथी

कोरबा वन मंडल के करतला क्षेत्र के धान खरीदी केंद्र चैजिया के करीब एक लोनर हथी पहुंचा है. सोमवार को दिनभर धान खरीदी केंद्र के कर्मचारियों ने हाथी की निगरानी की है. वन अमला हाथी मित्र दल के माध्यम से हाथियों को निगरानी में लगा हुआ है लेकिन हाथी अब इतने अधिक दलों में बढ़ गए हैं कि उनकी निगरानी करने में वन विभाग को दिक्कत हो रही है.

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