‘वेनेजुएला वापस लोटेंगी मादुरो विरोधी मचाडो’, चुनाव लड़ने से पहले रखी ये शर्त

मारिया कोरीना मचाडो ने वेनेजुएला लौटने और स्वतंत्र चुनाव की मांग की है, दावा है कि विपक्ष को 90% से अधिक समर्थन है। उन्होंने 900 राजनीतिक कैदियों की रिहाई को लोकतंत्र बहाली की शर्त बताया। अमेरिका, चीन, रूस, कोलंबिया और संयुक्त राष्ट्र ने वेनेजुएला की स्थिति पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं, जिसमें अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई पर चिंता और हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी शामिल है। पूर्व अमेरिकी एनएसए ने ट्रंप की नीति की आलोचना की है।

वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपदस्थ किए जाने के बाद देश लौटने का एलान करते हुए स्वतंत्र चुनाव की मांग तेज कर दी है। मचाडो ने कहा कि उनका आंदोलन चुनाव जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है और वे जल्द से जल्द वेनेजुएला वापस जाएंगी।
रॉयटर के मुताबिक, फाक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में मचाडो ने दावा किया कि 2024 के चुनाव में विपक्ष को भारी जनसमर्थन मिला था, लेकिन धांधली के कारण जीत छीनी गई। मचाडो के मुताबिक, यदि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव होते हैं तो विपक्ष को 90 प्रतिशत से अधिक वोट मिलेंगे।
मचाडो के आंदोलन ‘वेंते वेनेजुएला’ ने करीब 900 राजनीतिक कैदियों की तत्काल रिहाई को लोकतंत्र बहाली की पहली शर्त बताया है। हालांकि ट्रंप प्रशासन फिलहाल मादुरो की सहयोगी और अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ काम करने के संकेत दे रहा है। ट्रंप ने कहा है कि देश की स्थिति सुधारे बिना तुरंत चुनाव कराना व्यावहारिक नहीं है।
चीन बोला- दुनिया का दरोगा या जज नहीं अमेरिका
एएनआइ के मुताबिक, वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को लेकर चीन ने कड़ा विरोध जताया है। बीजिंग ने न सिर्फ अमेरिकी हमले की आलोचना की, बल्कि दक्षिण अमेरिका के अन्य देशों पर दबाव या भविष्य में किसी भी तरह के हस्तक्षेप के खिलाफ भी चेतावनी दी है। चीन ने साफ कहा कि कोई भी देश दुनिया का दरोगा या जज बनने का अधिकार नहीं रखता।
मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओनिंग ने कहा कि चीन सभी देशों से यह अपेक्षा करता है कि वे दूसरे देशों के लोगों द्वारा चुने गए विकास की राह का सम्मान करें और अंतरराष्ट्रीय कानून के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों व सिद्धांतों का पालन करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि बड़े देशों को जिम्मेदार आचरण करते हुए उदाहरण पेश करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय कानून की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए अन्य देशों के साथ काम करने को तैयार है और “जंगल के कानून” को खारिज करता है। रूस: अपना भविष्य तय करने का वेनेजुएला को हक रूस के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वह वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिग्ज को बतौर अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किए जाने का स्वागत करता है। साथ ही मंत्रालय ने ये भी कहा कि वेनेजुएला को स्वयं अपना भाग्य तय करने का अधिकार होना चाहिए और इसमें किसी देश को दखल देने का अधिकार नहीं है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में वेनेजुएला की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्राधिकारियों के प्रयासों की सराहना की। कोलंबिया: अमेरिकी आक्रामकता का कड़ा जवाब देंगे कोलंबिया के विदेश मंत्री रोजा विलाविसेंसियो ने देश पर अमेरिका के संभावित हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सेना हर कदम उठाएगी। एक प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हर देश को अपनी रक्षा का वैधानिक अधिकार हासिल है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार: दुनिया हुई असुरक्षित
रॉयटर के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा है कि वेनेजुएला में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से दुनिया पहले से ज्यादा असुरक्षित हो गई है। यूएन कार्यालय के अनुसार, यह हस्तक्षेप अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, क्योंकि किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। यूएन की प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने कहा कि यह कार्रवाई मानवाधिकारों की जीत नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को कमजोर करने वाली है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इससे यह संदेश जाता है कि ताकतवर देश कुछ भी कर सकते हैं। यूएन ने जोर दिया कि वेनेजुएला का भविष्य उसके लोग ही तय करें।पूर्व अमेरिकी एनएसए बोले- ट्रंप की नीति भ्रामक अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जान बोल्टन ने वेनेजुएला को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति पर कड़ी आलोचना की है।
एएनआइ को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने चेतावनी दी है कि ट्रंप का मौजूदा रुख विरोधाभासी परिणाम दे सकता है और इससे वेनेजुएला में वास्तविक राजनीतिक बदलाव की संभावना कमजोर पड़ रही है। उन्होंने ट्रंप के हालिया बयानों की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक ओर वे लोकतांत्रिक विपक्ष की नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो पर हमला कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मादुरो की करीबी सहयोगी और उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ काम करने की बात कर रहे हैं। बोल्टन के मुताबिक, इससे अमेरिका की नीति की विश्वसनीयता कमजोर होती है।




