‘राहुल पीछे हट जाएं’, कांग्रेस नेता ने ममता को बताया I.N.D.I गठबंधन का असली नेता; की बड़ी मांग

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने सुझाव दिया है कि राहुल गांधी को इंडी गठबंधन का नेतृत्व क्षेत्रीय नेताओं को सौंप देना चाहिए। उन्होंने ममता बनर्जी, एमके स्टालिन, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव को इस भूमिका के लिए उपयुक्त बताया।
HighLights
- अय्यर ने राहुल गांधी को नेतृत्व छोड़ने की सलाह दी।
- ममता बनर्जी को इंडी गठबंधन का नेता बताया।
- कांग्रेस और टीएमसी ने बयान पर प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि इंडी गठबंधन की अगुवाई क्षेत्रीय दलों के नेताओं को करनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि राहुल गांधी को गठबंधन की ड्राइविंग सीट छोड़ देनी चाहिए।
कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में अय्यर ने कहा कि ममता बनर्जी इस गठबंधन की नेता हैं। उनके बिना इंडी गठबंधन कुछ नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी के साथ कुछ और क्षेत्रीय नेता भी इस भूमिका के लिए उपयुक्त हैं।
क्षेत्रीय नेताओं का नाम लिया
अय्यर ने कहा कि यह पद छोटे दलों के नेताओं का होना चाहिए, जैसे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव या आरजेडी नेता तेजस्वी यादव। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहुल गांधी इस पद पर बने रहने की कोशिश न करें और क्षेत्रीय नेताओं को जिम्मेदारी संभालने दें।
गौरतलब है कि मणि शंकर अय्यर को पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी के कारण राहुल गांधी ने निलंबित किया था। हाल के दिनों में वह कांग्रेस के क्षेत्रीय विरोधियों की तारीफ करते रहे हैं।
कांग्रेस और टीएमसी की प्रतिक्रिया
अय्यर के बयान पर बंगाल कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव सुमन रॉय चौधरी ने कहा कि मणि शंकर अय्यर अब लंबे समय से पार्टी की गतिविधियों से जुड़े नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बंगाल से राज्यसभा की पांच सीटें खाली हैं, क्या इसी वजह से यह बयान दिया गया है?
उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह पर्दे के पीछे भाजपा के लिए काम करती हैं, जबकि INDIA गठबंधन भाजपा के खिलाफ लड़ रहा है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता कुनाल घोष ने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान बंगाल चुनाव में भाजपा को हराने और ममता बनर्जी के नेतृत्व में चौथी बार सरकार बनाने पर है।
बंगाल में आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा से होगा। इस बार कांग्रेस ने वाम दलों के साथ अपना गठबंधन नवीनीकृत नहीं किया है।




