छत्तीसगढ़ में पंचायत का तुगलकी फरमान, दुष्कर्म पीड़िता के परिवार का सामाजिक बहिष्कार; रखी ग्रामीणों के पैर धोने की शर्त

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक दुष्कर्म पीड़िता द्वारा एफआइआर दर्ज कराने के बाद गांव की पंचायत ने तुगलकी फरमान सुनाया है। आरोप है कि गांव के दबंगों ने पीड़िता और उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का फैसला लिया है।
HighLights
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले की घटना, पंचायत ने सुनाया तुगलकी फरमान
- पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपित को जेल भेज दिया है
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक दुष्कर्म पीड़िता द्वारा एफआइआर दर्ज कराने के बाद गांव की पंचायत ने तुगलकी फरमान सुनाया है। आरोप है कि गांव के दबंगों ने पीड़िता और उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का फैसला लिया है।
पंचायत की बैठक में अपमानजनक शर्तें भी रखी गईं, जिसमें कहा गया कि यदि पीडि़ता अपनी गलती स्वीकार करती है, तो उसे गांव के लोगों के पैर धोकर उस पानी से नहाना होगा।
पीड़िता और उसके परिवार ने इस मामले की शिकायत एसडीओपी से की है।बसंतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म की घटना हुई, जिसमें पीड़िता गर्भवती बताई जा रही है। जब पीड़िता के परिवार ने आरोपित के खिलाफ पुलिस में शिकायत की, तो पंचायत की बैठक बुलाई गई।
आरोप है कि कुछ दबंगों ने मिलकर यह फैसला सुनाया कि पीडि़ता और उसके परिवार को गांव के समाज से बहिष्कृत रखा जाएगा, जिससे परिवार को सामाजिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों से दूर रहने के लिए कहा गया।
इस बीच पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपित को जेल भेज दिया है। वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नन्देहा ने कहा है कि मामले की जांच के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।




