एक ग्राहक लाने पर 500 रुपये मिले, बाकी लड़की के हिस्से गए- भागलपुर सेक्स रैकेट का खुलासा

भागलपुर में 24 मार्च 2026 को एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ, जिसमें तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए। यह रैकेट पार्लरों, किराए के फ्लैटों और नेटवर्किंग कंपनी की आड़ में संचालित हो रहा था। स्थानीय निवासियों की सतर्कता और पुलिस की कार्रवाई से कई ठिकानों पर दबिश दी गई।
भागलपुर शहर के शहरी क्षेत्रों में सक्रिय सेक्स रैकेट ने मोहल्लों में अपनी पैठ बना ली है। जोगसर थानाक्षेत्र के सतीश सरकार लेन में 24 मार्च 2026 को उजागर हुए मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में इन आरोपितों ने कई चौंकाने वाली जानकारियां दीं।
पार्लर और फ्लैट में संचालित रैकेट
जानकारी मिली है कि सेक्स रैकेट को किसी पार्लर की आड़ में चलाया जा रहा था, तो किसी मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग में किरायेदार बनकर ठिकाना बनाया गया था। कुछ ने पत्नी या साली बनाकर कमरा लिया और मकान मालिक को झांसा दिया। वहीं कुछ ने नेटवर्किंग कंपनी के बहाने जगह बनाई, लेकिन उनकी असली गतिविधियां सामने आने के बाद लोगों को सच्चाई का पता चला।
स्थानीय लोगों का सहयोग
सेक्स रैकेट उजागर करने में मोहल्लों में रहने वाले जागरूक लोगों की भी बड़ी भूमिका रही। जब उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, तो उन्होंने वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। इसी से कई ठिकानों पर दबिश और गिरफ्तारी संभव हो सकी।
सक्रिय थाने और इलाके
शहर के जोगसर, बरारी, कोतवाली, इशाकचक, तिलकामांझी, औद्योगिक, तातारपुर और हबीबपुर थानाक्षेत्र में पिछले एक साल में कई मामले उजागर हुए हैं। स्थानीय लोगों की सतर्कता और पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से इन ठिकानों पर कार्रवाई की गई।
किरायेदारों का लेखा-जोखा : पुलिस अभी भी फिसड्डी
किरायेदारों का सत्यापन और लेखा-जोखा स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए। डीजीपी विनय कुमार ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए थे कि वे थानाक्षेत्र में सभी किरायेदारों का अनिवार्य सत्यापन कराएं।
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने भी सभी थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लॉज और मकान मालिकों की सूची तैयार कर उनके किरायेदारों का लेखा-जोखा लें और सत्यापन कराएं। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने अभी तक सख्ती से कार्रवाई नहीं की है।
सक्रिय इलाके और छापेमारी
तातारपुर, इशाकचक, औद्योगिक, बरारी, जोगसर और हबीबपुर थानाक्षेत्र में सेक्स रैकेट संचालकों की सक्रियता ज्यादा है। इन इलाकों में नई बसावट और घनी आबादी वाले मोहल्लों में किरायेदार बनकर आसानी से सेक्स रैकेट संचालित किया जा रहा है। कई ठिकानों पर पूर्व में छापेमारी और गिरफ्तारी हो चुकी है।
कमीशन और ग्राहक नेटवर्क
जानकारी के अनुसार, सेक्स रैकेट संचालक संजीत कुमार कर्ण को एक ग्राहक लाने पर पांच सौ रुपये कमीशन मिलता था। उनके पास नाथनगर, कजरैली, जगदीशपुर, गौराडीह, लोदीपुर, इशाकचक, सबौर इलाकों में सक्रिय ग्राहकों की लिस्ट थी। इनमें प्रॉपर्टी डीलर, विचौलिए और स्थानीय नेता भी शामिल थे।
एक ग्राहक के आगमन पर कुल राशि 1,000 से 1,500 रुपये होती थी, जिसमें से संजीत पांच सौ रुपये लेते थे और बाकी दोनों महिलाओं को जाता था। मशाकचक स्थित ठिकाने पर बाहर से भी लड़कियां लाई जाती थीं। दबिश के समय उनकी अनुपस्थिति के कारण दोनों महिलाओं की गिरफ्तारी संभव हुई।
आरोपितों की पहचान और कानूनी कार्रवाई
संजीत नाथनगर अंचल के मधुसूदनपुर थानाक्षेत्र का निवासी है। दोनों महिलाएं कटिहार जिले की हैं, जिनका नाता क्रमशः बांका जिले के अमरपुर खरदौरी और भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल स्थित अंतिचक पतरघट्टा से रहा है। उन्हें अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोपित किया गया और जोगसर थानाध्यक्ष ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस और नागरिक सतर्कता का महत्व
इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि शहर में ऐसे सेक्स रैकेट संचालन के पीछे न केवल सक्रिय अपराधी हैं, बल्कि पुलिस और स्थानीय नागरिकों की सतर्कता ही इन्हें उजागर करने में मदद कर रही है। पुलिस द्वारा किरायेदारों के सत्यापन और लेखा-जोखा की प्रक्रिया को सख्ती से लागू करना अब अधिक जरूरी हो गया है।




