यूएस ने गौतम अडानी के खिलाफ आपराधिक धोखाधड़ी मामले को बंद करने का फैसला किया, सूत्रों के अनुसार नागरिक मामले में समझौता हुआ

वॉशिंगटन: अमेरिकी न्याय प्रणाली ने भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ आपराधिक धोखाधड़ी के मामले को बंद करने का निर्णय लिया है, जिससे यह मामला नागरिक विवाद के समाधान तक सीमित रह गया है। सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच एक संतोषजनक समझौता संपन्न हुआ है, जिसके चलते आपराधिक आरोप वापस लिए जा रहे हैं।
अडानी समूह ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए 2024 के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद अमरीका में बड़े पैमाने पर निवेश करने का सार्वजनिक वादा किया था। कंपनी ने 15,000 नई नौकरियां सृजित करने और अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई थी। इस घोषणा के बाद व्यापार जगत और निवेशकों में इस कंपनी के प्रति उत्साह बढ़ा था।
हालांकि, अडानी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले ने उनकी छवि को चोट पहुंचाई थी। लेकिन मामले के नागरिक पक्ष के समझौते के बाद अब यह स्थिति बेहतर हो सकती है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस बारे में विस्तार से जानकारी साझा करने से इनकार किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच गंभीर और सकारात्मक बातचीत हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अडानी समूह को अमेरिकी बाजार में अपना प्रभाव बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह निवेश अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है क्योंकि इससे रोजगार सृजन की संभावना बढ़ेगी।
गौतम अडानी ने अपने बयान में कहा कि वे अमेरिका में निवेश और रोजगार सृजन के अपने वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग मजबूत होगा और यह निवेश उनकी कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति का अहम हिस्सा होगा।
अमेरिकी न्याय विभाग ने अभी इस मामले को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन विशेषज्ञ यह मान रहे हैं कि इस तरह के समझौते लंबे कानूनी विवादों को कम कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करते हैं।
अडानी समूह के लिए यह फैसला एक नई शुरुआत साबित हो सकता है, जो कि उनके वित्तीय और व्यावसायिक रणनीतियों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। निवेशक और उद्योग विशेषज्ञ इस बदलाव को उत्साह के साथ देख रहे हैं और आने वाले समय में कंपनी की प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए हैं।




