Breaking Newsउत्तर प्रदेशन्यूज़बीटराज्यलखनऊसाहित्य

DM ने सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का किया निरीक्षण: नगर निगम के प्रयासों की सराहना

 

लखनऊ। डीएम विषाख जी अय्यर ने शिवरी स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम द्वारा किए जा रहे सॉलिड वेस्ट प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की और सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों को लेकर नगर निगम के प्रयासों को सकारात्मक रूप से देखा।

इस अवसर पर नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह ने जिलाधिकारी को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनर्ट वेस्ट के निस्तारण के लिए ब्लैकहोल मशीन की स्थापना की गई है, और इसके साथ ही कोकोनट से रस्सी बनाने का कार्य भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, प्लास्टिक फ्यूल से डीजल बनाने के प्लांट के बारे में भी जानकारी दी गई। नगर आयुक्त महोदय ने ग्राम हरीकंषगढ़ी, तहसील मोहनलालगंज स्थित सी एंड डी वेस्ट प्लांट के संचालन के बारे में भी बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस प्लांट से बनाए गए उत्पाद जैसे गमले और टाइल्स का उत्पादन किया जाता है।

फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का भी किया निरीक्षण

इस दौरान डीएम ने फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट का भी निरीक्षण किया। इस प्लांट से निकलने वाले जैविक खाद की इकाई और अन्य प्रमुख सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली गई। साथ ही, लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के संबंध में कार्यरत संस्था मेसर्स भूमि ग्रीन एनर्जी की तकनीकी टीम द्वारा वेस्ट मैनेजमेंट में उपयोग की जा रही नई तकनीकों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने विशेष रूप से लिगेसी वेस्ट के निस्तारण से प्राप्त बायो-प्रोडक्ट्स जैसे सी एंड डी वेस्ट आरडीएफ, बायो स्वायल और कोर्स फ्रैक्शन के बारे में भी जानकारी ली।

ब्लैकहोल मशीन की तकनीक के बारे में ली जानकारी

इसके अलावा, जिलाधिकारी ने ब्लैकहोल मशीन की तकनीक के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। संस्था के प्रतिनिधि ने बताया कि यह मशीन प्लाजमा टेक्नोलॉजी पर काम करती है, जिसका पेटेंट संस्था के पास है। जिलाधिकारी महोदय ने लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट और एमरजेंसी कार्यों के लिए खरीदी गई डीजल जनरेटर के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

यह एक सर्कुलर इकोनॉमी का बेहतरीन उदाहरण

जिलाधिकारी ने सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की और नगर निगम की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कचरे से उत्पादों के निर्माण को एक बेहतरीन पहल बताते हुए नगर निगम के अधिकारियों को और अधिक इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही, शहर को और अधिक स्वच्छ बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक सर्कुलर इकोनॉमी का बेहतरीन उदाहरण है।

अवैध कॉलोनियों पर हो जल्द कार्रवाई

इस निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त इन्द्रजीत सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, डॉ. अरविंद कुमार राव, मुख्य अभियंता (सिविल) महेश वर्मा, पर्यावरण अभियंता  संजीव प्रधान सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में और नवाचारों को बढ़ावा देने का निर्देश दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button