सम्पादकीय

दक्षिण कोरिया और अमेरिका की कार्रवाई से नाराज उत्तर कोरिया, उत्तर कोरिया की कड़ी प्रतिक्रिया,दागीं कई मिसाइलें

सियोल: दक्षिण कोरिया की सेना ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया ने सोमवार को कई बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र में दागी हैं। दक्षिण कोरिया और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू होने के कुछ घंटों बाद यह मिसाइलें दागी गई हैं। उत्तर कोरिया इस अभ्यास को अतिक्रमण के पूर्वाभ्यास के तौर पर देखता है। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि उत्तर कोरिया के ह्वांगहे प्रांत से मिसाइल दागी गईं, लेकिन उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि मिसाइलें कितनी दूर तक गईं। दक्षिण कोरिया और अमेरिकी सैन्य बलों ने अपना वार्षिक ‘फ्रीडम शील्ड’ कमांड पोस्ट अभ्यास शुरू किया है जो 11 दिनों तक चलेगा।

 

उत्तर कोरिया की कड़ी प्रतिक्रिया

उत्तर कोरिया ने इन सैन्य अभ्यासों की कड़ी निंदा करते हुए एक सरकारी बयान में इसे खतरनाक बताया है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को अपने आधिकारिक मीडिया के जरिए एक बयान जारी कर ‘फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास को “आक्रामक और टकराव बढ़ाने वाला युद्धाभ्यास” करार दिया। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह फिर से किम जोंग उन से संपर्क कर उत्तर कोरिया के साथ राजनयिक वार्ता बहाल करने के लिए तैयार हैं। पिछली बातचीत उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण और उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने के मुद्दे पर असहमति के कारण विफल हो गई थी।

अपने ही लोगों पर गिरा दिए बम

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, दक्षिण कोरिया के पोचोन शहर (उत्तर कोरियाई सीमा के पास) में बीते बृहस्पतिवार को दो दक्षिण कोरियाई केएफ-16 लड़ाकू विमानों ने गलती से 8 एमके-82 बम गिरा दिए थे जिससे लगभग 30 लोग घायल हो गए थे। दक्षिण कोरिया की वायुसेना ने सोमवार को बताया कि गलती उस समय हुई जब एक पायलट ने गलत निर्देशांक (कोऑर्डिनेट्स) दर्ज कर दिए। शुरुआत के दौरान यह गलती नहीं पकड़ी जा सकी और मिशन की समयसीमा के दबाव में पायलट ने बम गिराने से पहले लक्ष्य की दोबारा पुष्टि नहीं की। दूसरे पायलट के पास सही निर्देशांक थे, लेकिन उन्होंने पहले पायलट के साथ समन्वय बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया और निर्देशानुसार बम गिरा दिए जिससे यह गलती हो गई।

वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ ने मांगी माफी

दक्षिण कोरिया की वायुसेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ली यांगसू ने इस घटना पर माफी मांगते हुए कहा, “यह घटना कभी नहीं होनी चाहिए थी और भविष्य में इसे दोहराया नहीं जाना चाहिए।” इस घटना के बाद अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपने सभी लाइव-फायर अभ्यास अस्थायी रूप से रोक दिए हैं। दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारी जांच पूरी करने और रोकथाम के उपाय लागू करने के बाद ही इन्हें दोबारा शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

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