अपराध

पत्नी के हत्यारे को 25 वर्ष बाद आजीवन कारावास, गुजरात हाई कोर्ट ने इस बात पर किया रहम

गुजरात हाई कोर्ट ने उत्तर गुजरात के ईश्वरजी ठाकोर को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वह लकवाग्रस्त हैं और अपने दैनिक कार्य करने में असमर्थ हैं। इसलिए कोर्ट ने मानवीय आधार पर सरकार को कानूनी प्रावधान के अनुसार समय पूर्व रिहा करने का भी निर्देश दिया है।

 गुजरात हाई कोर्ट ने उत्तर गुजरात के ईश्वरजी ठाकोर को पत्नी की हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वह लकवाग्रस्त हैं और अपने दैनिक कार्य करने में असमर्थ हैं। इसलिए कोर्ट ने मानवीय आधार पर सरकार को कानूनी प्रावधान के अनुसार समय पूर्व रिहा करने का भी निर्देश दिया है।

बनासकांठा के दियोदर निवासी 50 वर्षीय ईश्वरजी ठाकोर ने 2000 में पत्नी की चाकू घोंप कर हत्या कर दी थी। ट्रायल कोर्ट ने गैरइरादतन हत्या का दोषी मानते हुए उसे 2002 में सात वर्ष कैद की सजा सुनाई।

राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका लगाते हुए आरोपित को आजीवन कारावास की सजा देने की मांग की थी।

हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए इरादा पूर्वक हत्या का दोषी मानते हुए ईश्वरजी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ईश्वरजी लकवाग्रस्त है।

ऐसे में राज्य सरकार को चाहिए कि वह उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए उसकी समय पूर्व रिहाई की व्यवस्था करे। हाई कोर्ट ने हत्यारे को और अधिक समय देते हुए 31 मार्च 2026 तक जेल अधिकारी के समक्ष समर्पण करने की छूट दी है।

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