डूंगरपुर में पीएम किसान योजना पर सवाल: 550 में से 533 लाभार्थी पाए गए अपात्र

मामले की शुरुआत
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। यह मामला तब उजागर हुआ जब उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने जिला स्तर की दिशा बैठक में इस मुद्दे को उठाया।
सांसद ने क्यों उठाए सवाल
सांसद ने आरोप लगाया कि कई ग्राम पंचायतों में ऐसे लोगों को योजना का लाभ दिया गया, जो न तो किसान थे और न ही जिले के मूल निवासी। उन्होंने इसे राजनीतिक संरक्षण के तहत किया गया फर्जीवाड़ा बताया।
प्रशासनिक जांच के नतीजे
शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने 550 लाभार्थियों की सूची की जांच करवाई। जांच में यह सामने आया कि केवल 17 लाभार्थी ही पात्र थे, जबकि 533 लोग अपात्र पाए गए।
अपात्र पाए जाने के कारण
अधिकतर लाभार्थियों के मामले में:
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स्थानीय निवास का प्रमाण नहीं था
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भूमि संबंधी दस्तावेज अधूरे थे
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कई लोग जिले में रहते ही नहीं थे
राजनीतिक आरोप और बयानबाजी
सांसद डॉ. रावत ने आरोप लगाया कि बीएपी नेताओं के इशारे पर बाहरी लोगों के नाम सूची में जोड़े गए। उन्होंने कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि जिले में बाहरी ताकतों को संरक्षण दिया जा रहा है।
कलेक्टर की रिपोर्ट
जिला कलेक्टर ने सांसद को भेजी गई रिपोर्ट में बताया कि तहसीलदार और पटवारी स्तर पर जांच की गई है और अपात्रता की पुष्टि हुई है।
आगे क्या?
अब इस मामले में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह न केवल अपात्र लाभार्थियों से राशि वसूले, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई करे।



