राजनीति

डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार: महाराष्ट्र की राजनीति में महिला नेतृत्व का नया अध्याय

महाराष्ट्र की राजनीति में ऐतिहासिक क्षण

महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार ने राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शाम पांच बजे मुंबई में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर न केवल एक नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि राज्य की राजनीति में महिला नेतृत्व को नई पहचान भी दी।

एनसीपी विधायक दल की निर्णायक बैठक

इससे पहले दोपहर दो बजे मुंबई के विधान भवन में एनसीपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी के कुल 40 विधायक शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया। पार्टी के भीतर उनके नाम पर किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि एनसीपी के विधायकों का पूरा भरोसा उनके नेतृत्व पर है।

सुबह से सक्रिय रहीं सुनेत्रा पवार

शपथ ग्रहण से पहले ही सुनेत्रा पवार सुबह-सुबह अपने बेटे पार्थ पवार के साथ मुंबई पहुंच गई थीं। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि उनका राजनीतिक कद अब औपचारिक रूप से स्थापित हो चुका है। पूरे दिन राजनीतिक हलकों में उनके नाम की चर्चा बनी रही।

महायुति सरकार का खुला समर्थन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने पर स्पष्ट रूप से कहा कि महायुति सरकार और गठबंधन के सभी दल एनसीपी के इस फैसले का पूर्ण समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार सुचारू रूप से चलेगी और यह फैसला राजनीतिक स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वरिष्ठ नेताओं की भूमिका

एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने विधायक दल की बैठक से पहले सुनेत्रा पवार से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को अंतिम रणनीतिक चर्चा के रूप में देखा गया। इसके बाद ही उनके नाम पर औपचारिक सहमति बनी और बैठक में उन्हें नेता चुना गया।

शरद पवार के घर बढ़ी हलचल

सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने की घोषणा के तुरंत बाद बारामती स्थित एनसीपी प्रमुख शरद पवार के निवास ‘गोविंद बाग’ में पार्टी नेताओं की अहम बैठक शुरू हो गई। इस बैठक में सांसद सुप्रिया सुले, विधायक रोहित पवार, युगेंद्र पवार और संदीप क्षीरसागर मौजूद रहे। माना जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति और राजनीतिक रुख पर चर्चा हुई।

विलय की चर्चाओं पर ब्रेक

पिछले कुछ समय से एनसीपी के दोनों गुटों—शरद पवार गुट और अजित पवार गुट—के विलय की चर्चाएं चल रही थीं। लेकिन सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद इन अटकलों पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला दोनों गुटों के बीच दूरी को और स्पष्ट करता है।

शरद पवार का संतुलित बयान

जब शरद पवार से यह सवाल पूछा गया कि क्या परिवार के सदस्य होने के नाते उन्हें इस फैसले के बारे में भरोसे में लिया गया था, तो उन्होंने बेहद संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि परिवार में कोई समस्या नहीं है और मुश्किल समय में परिवार एकजुट रहता है। उनके इस बयान को राजनीतिक और पारिवारिक संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।

महिला राजनीति के लिए नया संदेश

सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना सिर्फ एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र में महिला सशक्तिकरण का भी मजबूत संदेश देता है। यह साबित करता है कि राज्य की राजनीति में अब महिलाओं की भूमिका केवल सीमित नहीं रही, बल्कि वे शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने में भी सक्षम हैं।

भविष्य की राजनीति पर असर

सुनेत्रा पवार का यह कदम आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। एनसीपी के भीतर शक्ति संतुलन, महायुति सरकार की स्थिरता और विपक्ष की रणनीति—इन सभी पर इस फैसले का गहरा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

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