पंजाब में कोहरे की मार झेल रही जनता, विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम; आगे कैसा रहेगा मौसम?

जालंधर में घना कोहरा और सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे दृश्यता कम है। मौसम विभाग ने फरवरी में पंजाब सहित उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक तापमान और कम वर्षा का अनुमान लगाया है। इससे रबी फसलों, खासकर गेहूं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। उच्च तापमान से गेहूं के दाने सिकुड़ सकते हैं, जिससे किसानों को लगातार चौथी बार उपज में नुकसान हो सकता है।
जालंधर महानगर में घना कोहरा पड़ने की वजह से विजिबिलिटी भी 30 मीटर से भी कम है। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानी आ रही है।
इसके साथ-साथ सर्द हवाएं चलने की वजह से ठंडक ज्यादा बढ़ गई है। मौसम विभाग की तरफ से दिन निकलने के साथ ही मौसम पूरी तरह से साफ हो जाएगा और धूप निकलने से तापमान में वृद्धि भी दर्ज की जाएगी।
फरवरी में मौसम की भविष्यवाणी ने बढ़ाई किसानों की चिंतe
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया है कि फरवरी महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक और वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है, विशेषकर उत्तर-पश्चिम भारत में, जिसमें पंजाब भी शामिल है। इस सूचना के बाद कृषि विशेषज्ञों और किसानों में फसलों पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मौसम रबी फसलों, विशेषकर गेहूं पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
फरवरी में गेहूं की बल्ली में दाना बनना शुरू होता है और इस समय यह दूध जैसे तरल पदार्थ के रूप में होता है। यदि तापमान औसत से अधिक रहा, तो यह दाना सूख सकता है, जिससे दाने का आकार छोटा होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि ऐसा हुआ, तो यह चौथी बार होगा जब पंजाब के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पिछले वर्ष भी फरवरी में गर्मी के कारण गेहूं की पैदावार में कमी आई थी, जिससे किसानों को नुकसान हुआ।




