ईरानी विदेश मंत्री ने ‘अमेरिकी दादागिरी’ के खिलाफ BRICS एकता की अपील की

ईरान के विदेश मंत्री ने हाल ही में BRICS देशों से अमेरिकी दादागिरी और दबाव के खिलाफ एकजुट और अधिक निर्णायक प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया है। उनका यह बयान वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जिसमें अमेरिका की विदेशी नीतियों को लेकर कई विकासशील और उभरते देशों में बढ़ती असंतुष्टि देखी जा रही है।
ईरान के विदेश मंत्री, जो हाल में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए थे, ने कहा कि BRICS देशों का समूह—जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं—को अपने सामूहिक हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान दौर में अमेरिका की दबंगता, आर्थिक प्रतिबंध और राजनीतिक हस्तक्षेप से लड़ने के लिए सदस्य देशों को और अधिक संगठित और प्रभावशाली प्रतिक्रिया देनी होगी।
उनका मानना है कि वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव आ रहा है और विकासशील देशों को अपने संसाधनों और राजनीतिक स्तर पर एकजुट होकर अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “BRICS देशों को अब सिर्फ आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें वैश्विक राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभानी होगी। इसके लिए न केवल साझा राजनीतिक दृष्टिकोण बनाना आवश्यक है, बल्कि सामूहिक रणनीतियों पर भी काम करना होगा।”
विश्लेषकों के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री की यह अपील ऐसे समय में आई है जब अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए संकीर्ण आर्थिक प्रतिबंध और सैन्य हस्तक्षेपों को लेकर विश्व स्तर पर आलोचना बढ़ रही है। BRICS देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक साझेदारी को मजबूत करने से यह समूह विश्व राजनीति में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
BRICS समूह के कुछ देश पहले ही अमेरिकी नीतियों के खिलाफ मजबूत रुख अपना चुके हैं, लेकिन ईरान का यह आह्वान और भी निर्णायक और संगठित कदम उठाने की जरूरत पर प्रकाश डालता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की एकता से न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि राजनीतिक रूप से भी विकासशील देशों की स्थिति सशक्त होगी।
ईरानी विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी अमेरिकी दबाव की आलोचना की और कहा कि अमेरिकी दबंगता वैश्विक सहयोग और शांति की भावना को कमजोर कर रही है। उन्होंने BRICS देशों से ध्यानपूर्वक निर्णय लेने और मिलकर वैश्विक मंच पर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। उन्होंने कहा, “BRICS देशों की एकजुटता दुनिया की राजनीति में एक नई आशा जगा सकती है, जो समानता और न्याय पर आधारित हो।”
कुल मिलाकर, ईरानी विदेश मंत्री की यह अपील BRICS देशों के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक गठजोड़ को मजबूत करने और अमेरिका की एकतरफा नीतियों को चुनौती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि सदस्य देश इस अपील को कितना गंभीरता से लेते हैं और किस तरह से सामूहिक रणनीतियों को अमल में लाते हैं।



