क्या कीर्ति आजाद ने संसद में पी थी ई-सिगरेट? फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया वीडियो

Kirti Azad e-Cigratte Contoversy: तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद पर लोकसभा परिसर में ई-सिगरेट पीने का आरोप है। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर की शिकायत पर 11 दिसंबर 2025 के वीडियो फुटेज को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

HighLights
- कीर्ति आजाद पर लोकसभा में ई-सिगरेट पीने का आरोप
- वीडियो फुटेज फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया
- दोषी पाए जाने पर सदस्यता रद हो सकती है
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कीर्ति आजाद के लोकसभा परिसर में कथित रूप से ई-सिगरेट पीने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर की शिकायत पर लोकसभा परिसर की फुटेज को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
ये वीडियो 11 दिसंबर 2025 का है। कीर्ति आजाद पर आरोप है कि संसद में शीतकालीन सत्र के दौरान वो लोकसभा में बैठकर ई-सिगरेट पी रहे थे। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर स्पीकर से इसकी शिकायत की थी। वहीं, बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया था।
वीडियो में किया गया था दावा
इस वीडियो में कीर्ति आजाद अपने दोनों हाथों को मुंह के पास लेकर जाते हैं। वीडियो में ई-सिगरेट दिखाई नहीं दे रही है, लेकिन अमित मालवीय ने दावा किया था कि वो सिगरेट पी रहे थे। मामले की वास्तविकता पता करने के लिए सदन के भीतर की सीसीटीवी फुटेज को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
अमित मालवीय के अनुसार,
सदन में ई-सिगरेट को छिपाकर रखना गलत है। सदन के भीतर धूम्रपान नहीं किया जा सकता है। TMC सासंद के इस रवैये पर ममता बनर्जी को जवाब देना चाहिए।
भारत में बैन है ई-सिगरेट
बता दें कि भारत सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाया था। इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 के तहत देश में ई-सिगरेट बनाने, बेचने और प्रचार करने पर पूरी तरह से पाबंदी लगी है।
क्या है सजा का प्रावधान?
इस कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान किया गया है। वहीं, अगर कीर्ति आजाद दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें सस्पेंड किया जा सकता है। साथ ही उनकी संसदीय सदस्यता जाने का भी खतरा है।




