नई दिल्ली

डीडीए स्टाफ क्वार्टर का 775 करोड़ की लागत से होगा पुनर्विकास, NBCC संभालेगा कमान

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के ओल्ड राजेंद्र नगर और सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया स्थित स्टाफ क्वार्टर का 775 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास होगा। एनबीसीसी इस परियोजना को अंजाम देगा। डीडीए और एनबीसीसी ने इस संबंध में समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह परियोजना आत्मनिर्भर मॉडल पर आधारित होगी, जिसमें निर्मित क्षेत्र का एक हिस्सा बेचकर परियोजना को वित्तपोषित किया जाएगा, जबकि शेष डीडीए स्टाफ के लिए होगा।

  1. एनबीसीसी करेगा ओल्ड राजेंद्र नगर, सफदरजंग क्वार्टर का विकास।

  2. परियोजना आत्मनिर्भर मॉडल पर आधारित, फंडिंग बिक्री से होगी।

ओल्ड राजेंद्र नगर और सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया स्थित दिल्ली विकास प्राधिकरण के दो स्टाफ क्वार्टर का पुनर्विकास एनबीसीसी करेगा। इस परियोजना पर 775 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना को लेकर शुक्रवार को डीडीए और एनबीसी ने समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए है। डीडीए के उपाध्यक्ष एन सरवण कुमार और एनबीसीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) केपी महादेवस्वामी की उपस्थिति में समझौते का आदान प्रदान किया गया।

समझौते के तहत दोनों परियोजनाओं में कुल 1.66 लाख वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र का विकास किया जाएगा।वर्तमान में ओल्ड राजेंद्र नगर में 117 आवासीय इकाइयों और सफदरजंग डेवलपमेंट एरिया में 152 आवासीय इकाइयों का उपयोग डीडीए द्वारा स्टाफ क्वार्टर के रूप में किया जा रहा है।

एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड परियोजनाओं के अवधारणा से लेकर तैयार होने तक के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार और कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।

डीडीए ने अपने एक बयान में कहा है कि पुनर्विकास आत्मनिर्भर मॉडल के तहत होगा जिसके तहत विकसित निर्मित क्षेत्र के एक हिस्से को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से बेचा जाएगा। प्राप्त आय का उपयोग परियोजना के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा जबकि शेष निर्मित क्षेत्र ( जो डीडीए द्वारा तय किया जाएगा ) स्टाफ उपयोग के लिए सौंप दिया जाएगा।

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