महाराष्ट्र सरकार ने एल नीनो के संभावित प्रभाव के लिए तैयारियां शुरू कीं, फडणवीस ने जल प्रबंधन पर जोर दिया

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने आगामी मौसम में एल नीनो की संभावना को देखते हुए संभावित जल संकट से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जल संरक्षण और प्रभावी जल प्रबंधन की अहमियत पर जोर देते हुए जनता और संबंधित विभागों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कम बारिश कर सकता है, जिसकी वजह एल नीनो प्रभाव माना जा रहा है। इसके कारण राज्य के कई हिस्सों में पानी की कमी उत्पन्न हो सकती है, जिससे कृषि, उद्योग और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकते हैं।
फडणवीस ने कहा, “जल बचाना और उसका सही प्रबंधन हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार सहित सभी नागरिकों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा। किसानों को सिंचाई के वैकल्पिक उपाय अपनाने एवं नागरिकों को जल की बचत पर सजग रहने की जरूरत है।”
सरकार ने भी इस समस्या को देखते हुए राज्यभर में जल प्रबंधन पर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसमें जलाशयों की मरम्मत, वर्षाजल संचयन को बढ़ावा और जल के अपव्यय को रोकने के लिए कड़े बंदोबस्त किए जाएंगे। साथ ही, किसानों को ड्रिप इरिगेशन और अन्य जल-कुशल तकनीकों का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि एल नीनो के प्रभाव में मानसूनी बारिश में कमी आना स्वाभाविक है क्योंकि यह प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान में वृद्धि के कारण वैश्विक जलवायु पैटर्न को प्रभावित करता है। इसलिए पहले से तैयारियां कर लेना राज्य के लिए लाभदायक होगा।
महाराष्ट्र की कृषि अर्थव्यवस्था पर बारिश में कमी का सीधा असर होता है, विशेषकर ज़्यादा पानी की मांग रखने वाली फसलों पर। ऐसे में जल प्रबंधन ही संकट से निकालने का प्रमुख रास्ता है। सरकार ने स्थानीय प्रशासन को जल प्रबंधन के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है और जनता से भी आग्रह किया गया है कि वे जल संरक्षण में योगदान दें।
साथ ही, बड़ी-बड़ी जल परियोजनाओं के अलावा छोटे जल संरक्षण के उपाय, जैसे जलाशयों की सफाई, तालाबों की मरम्मत और वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित किया जाएगा। स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाएं भी इस मुहिम में सहयोग कर रही हैं।
समय रहते सतर्कता और प्रभावी जल प्रबंधन की मदद से महाराष्ट्र एल नीनो के संभावित बुरा प्रभाव कुछ हद तक कम कर सकेगा। इस समय सभी हितधारकों का सहयोग बहुत जरूरी है ताकि आने वाले समय में पानी की कमी की समस्या से सफलतापूर्वक निपटा जा सके।




