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तीन दिवसीय स्पेशल खादी प्रदर्शनी का शुभारंभ: खादी कारीगरों के लिए बनेंगे नए अवसर

लखनऊ। खादी और ग्रामोद्योग आयोग सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अध्यक्ष मनोज कुमार ने हापुड़ के पिलखुवा स्थित रामलीला मैदान में आयोजित तीन दिवसीय स्पेशल खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने अम्बा ग्रामोद्योग सेवा समिति द्वारा वितरित 50 न्यू मॉडल चरखे का वितरण किया और चौधरी चरण सिंह बहुउद्देशीय प्रशिक्षण केंद्र पंजोखरा द्वारा कारीगरों के लिए आयोजित खादी स्पिनिंग रिफ्रेशर कोर्स का शुभारंभ किया।

समारोह में संबोधित करते हुए अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी बापू की विरासत को आत्मनिर्भर भारत के प्रतीक के रूप में स्थापित कर चुकी है। खादी ने न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है, बल्कि लाखों कारीगरों को सम्मानजनक आजीविका भी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम ने खादी को नई ऊर्जा और जीवन दिया है, जिसके कारण खादी अब वैश्विक पहचान के साथ-साथ युवाओं के बीच एक नई पसंद बन चुकी है।

इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में खादी और ग्रामोद्योग संस्थाओं के उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिससे कारीगरों को विपणन का एक नया मंच मिल रहा है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कारीगरों के कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। मनोज कुमार ने खादी कारीगरों से संवाद किया और उन्हें केवीआईसी की योजनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी कारीगरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले 10 वर्षों में खादी कारीगरों की आय में 213 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो खादी क्रांति के सकारात्मक प्रभाव का प्रतीक है।

अध्यक्ष ने यह भी बताया कि खादी और ग्रामोद्योग का कारोबार पिछले 10 वर्षों में 1 लाख 55 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इस अवधि में 10.17 लाख नए रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। उत्तर प्रदेश में पंजीकृत 451 खादी संस्थाओं के माध्यम से 1,24,411 कारीगरों को रोजगार मिल रहा है, जबकि मेरठ मंडल के 238 खादी संस्थाएं 82,411 कारीगरों को रोजगार दे रही हैं। इस कार्यक्रम में केवीआईसी के मंडलीय कार्यालय मेरठ से जुड़ी खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, खादी कार्यकर्ता, कारीगर और केवीआईसी के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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